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खो-दरीबा (टहला) में श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर गूंजे गोवर्धन नाथ के जयकारे

श्री साधु बाबा की ढाणी, खो-दरीबा (टहला) में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा और समूचा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया।
कथा व्यास परम पूज्य पंडित श्री दुर्वासा जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए माखन चोरी लीला एवं श्री गोवर्धन पूजा का सजीव चित्रण किया। महाराज श्री ने कहा कि भगवान की माखन चोरी केवल लीला नहीं, बल्कि भक्तों के हृदय को प्रेम से जीतने का दिव्य संदेश है।
गोवर्धन पूजा प्रसंग में महाराज श्री ने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गिरिराज पर्वत धारण कर इंद्र के अभिमान को चूर किया और ब्रजवासियों की रक्षा की। इस प्रसंग के दौरान श्रद्धालुओं ने “जय श्री गोवर्धन नाथ” के जयघोष लगाए।
कथा के दौरान छप्पन भोग की भव्य झांकी सजाई गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ कथा का आनंद लिया और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया।
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से प्रभु इच्छा तक चल रही है। क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ लेने की अपील की गई है।

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