logo

नशीला पदार्थ पिलाकर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी में देरी पर दलित अधिकार केन्द्र ने जताया आक्रोश।

पिडितां से मुलाकात कर अधिकारियों से निष्पक्ष जांच व त्वरित कार्रवाई की मांग*

कैलादेवी करौली।मांगलियावास पीसांगन थाना क्षेत्र मेंअनुसूचित जाति समुदाय की एकनाबालिग बालिका के साथ नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किए जाने के मामले में आरोपी की घटना के करीब एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर राजस्थान दलित अधिकार केन्द्र ने गहरा आक्रोश जताया है। केन्द्र के मुख्य कार्यकारी हेमन्त मीमरोठ, उप निदेशक चन्दा लाल बैरवा, सामाजिक कार्यकर्ता व एडवोकेट पवन बैरवा तथा जिला समन्वयक इन्दिरा सोलंकी ने पीड़िता व उसके परिवार से मिलकर घटना की जानकारी ली और वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार पीड़िता अपनी मां के साथ नाथूथला स्थित एक पोल्ट्री फार्म पर साफ-सफाई का कार्य करने जाती थी। 31 दिसम्बर 2025 की शाम काम के दौरान आरोपी शरीफ ने कथित रूप से चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया और बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया। होश आने पर पीड़िता को धमकाकर किसी को बताने पर जान से मारने तथा वीडियो सार्वजनिक करने की बात कही गई, जिससे भय के कारण परिवार प्रारंभ में रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सका।
बाद में 5 जनवरी 2026 को पीड़ित परिवार ने पीसांगन थाने में नामजद आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी संख्या 0004/26 दर्ज करवाई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता 2023, पोक्सो अधिनियम व अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गईं। आरोप है कि घटना के 20 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से वह खुलेआम घूम रहा है और प्रभावशाली होने के कारण जांच को प्रभावित करने की आशंका बनी हुई है।
दलित अधिकार केन्द्र के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से मिलकर निष्पक्ष जांच, आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, साक्ष्यों की वीडियोग्राफी, मोबाइल की जांच, संबंधित स्थल को सुरक्षित करने, पीड़िता व परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा मुआवजा दिलाने सहित विभिन्न मांगें रखीं। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच करवाने की भी मांग की गई है।
फोटो कैप्शन: पीड़िता के परिवार से मिलकर जानकारी लेते दलित अधिकार केन्द्र के पदाधिकारी।

23
1753 views