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झालावाड़ में लंबर हर्निया का पहला मामला, डॉक्टर्स ने भी स्टडी कर किया ऑपरेशन

जिले में अत्यंत दुर्लभ बीमारी लंबर हर्निया का पहला मरीज सामने आया है। महिला मरीज में यह केस सामने आने के बाद जिला एसआरजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया।
झालावाड़ के मेडिकल कॉलेज के सर्जन के सामने पहली बार यह केस आने पर उनको भी स्टडी करने के बाद ऑपरेशन करना पड़ा। यह साधारण हर्निया से बिल्कुल अलग है। दावा यह भी है कि बहुत कम सर्जन अपने कार्यकाल में इस तरह का हर्निया देख पाते हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के कार्यवाहक विभागाध्यक्ष डॉ. हुकमचंद मीणा व एनेस्थीसिया के डॉ. राजन नंदा के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने महिला के लंबर हर्निया का सफल ऑपरेशन किया।
जानकारी के अनुसार अकलेरा क्षेत्र की निवासी 58 वर्षीय महिला की कमर पर गठान थी। इस कारण उसे असहनीय दर्द होता था। परिजनों ने महिला को अकलेरा सैटेलाइट हॉस्पिटल में दिखाया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में सीनियर सर्जन को दिखाने की सलाह दी। इस पर मरीज के परिजन झालावाड़ मेडिकल कॉलेज ले आए। यहां सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. हुकमचंद मीणा को दिखाया।
डॉ. मीना ने जांचों के बाद मरीज के परिजनों को बताया कि मरीज के अत्यंत दुर्लभ हर्निया की बीमारी है जिसे लंबर हर्निया कहते है। परिजनों की सहमति के बाद महिला का ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा। साधारण हर्निया से क्यों अलग है लंबर हर्निया हर्निया और लंबर हर्निया में मुख्य अंतर उनके होने के स्थान और प्रकार में है। सामान्य हर्निया पेट की दीवार के कमजोर होने से पेट या जांघ (इंगुइनल) क्षेत्र में आंत के बाहर आने (सूजन) को कहते हैं, जबकि लंबर हर्निया कमर के निचले हिस्से (बैक साइड) के पीछे की दीवार में कमजोरी के कारण होता है। लंबर हर्निया में कमर में दर्द और पेट के पिछले हिस्से में एक नरम गांठ/सूजन के रूम में महसूस होता है।

Aima media jhalawar

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