
टोहाना के शहीद चौक की बदहाली पर उठे सवाल
विकास को कपड़े से ढककर क्यों छुपाया जा रहा है?
टोहाना (संवाददाता):
शहर के हृदय स्थल शहीद चौक की हालत इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। जिस चौक को शहीदों की स्मृति और शहर की पहचान माना जाता है, आज वही बदहाली, अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बनता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौक पर चल रहे अधूरे या घटिया कार्यों को कपड़ा डालकर ढक दिया गया है, ताकि वास्तविक स्थिति जनता की नज़रों से छुपी रहे। सवाल यह उठता है कि अगर विकास कार्य सही हैं, तो उन्हें छुपाने की ज़रूरत क्यों पड़ी?
किसके इशारे पर हो रही लीपापोती?
शहरवासियों का कहना है कि शहीद चौक पर सौंदर्यीकरण और विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। न तो काम समय पर पूरा हुआ, न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा गया। अब जब सवाल उठने लगे, तो समस्याओं पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल
जनता पूछ रही है कि क्या जनप्रतिनिधि इसी दिन के लिए चुने गए थे?
क्या उनकी जिम्मेदारी केवल उद्घाटन तक सीमित है? शहीदों के नाम पर बने चौक की यह स्थिति जनभावनाओं को आहत कर रही है।
प्रशासन की चुप्पी क्यों?
अब तक न तो नगर परिषद और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान दिया है। प्रशासन की यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
जनता की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:
शहीद चौक के कार्यों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो
चौक का विकास कार्य गुणवत्ता के साथ दोबारा कराया जाए
अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस जनआक्रोश को गंभीरता से लेते हैं या फिर शहीद चौक की बदहाली यूँ ही कपड़ों के पीछे छुपी रह जाएगी।