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झालावाड़ के कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना को मिलें शानदार साहित्यिक सम्मान, सामाजिक कार्यों में भी बनी पहचान।

झालावाड़ 08 फरवरी, जिले के पिडावा तहसील के ग्राम पिड़ावा निवासी कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान और सामाजिक कार्यों के लिए लगातार सम्मानित किया जा रहा है। इनकी रचनाएँ देशभर के प्रतिष्ठित मंचों और समाचार पत्रों में प्रकाशित हो चुकी हैं, और यह साहित्य जगत में एक उभरता हुआ नाम बन चुके हैं।
कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना को हाल ही में 5 जनवरी 2026 को न्यू कोटा इंटरनेशनल सोसायटी द्वारा "हाडोती गौरव सम्मान" से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 2023 में नव उदित साहित्यकार के रूप में ग्वालियर के नव उदय पब्लिकेशन द्वारा सम्मानित किया गया।
अभ्युदय पब्लिकेशन, भोपाल द्वारा 2022 में उन्हें अभ्युदय लेखक सम्मान भी प्राप्त हुआ है। उनका लेखन दिल्ली, मुंबई, जयपुर, हरियाणा, लखनऊ, बनारस, गोरखपुर, कोटा और झालावाड़ के प्रमुख समाचार पत्रों में लगातार प्रकाशित होता है।
साहित्यिक मंचों द्वारा अब तक उन्हें पांच सौ से अधिक पोस्ट ऑफ द डे के पुरस्कार मिल चुके हैं, जो उनके लेखन की गुणवत्ता और प्रभाव को प्रमाणित करते हैं।
इनकी सशक्त रचनाएँ सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव की दिशा में प्रेरक साबित हो रही हैं। कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना का साहित्यिक यात्रा बेहद प्रेरणादायक है, और उनके कार्यों को समर्पित समाज में हमेशा याद किया जाएगा।

कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना वर्तमान में सार्वजनिक राजेंद्र चिकित्सालय, झालावाड़ में कार्यरत हैं, और उनका पैतृक स्थान पिडावा है।

यह साहित्यकार अपने कार्यों से न केवल साहित्यिक क्षेत्र में बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं में भी योगदान दे रहे हैं, जो उन्हें एक आदर्श बनाता है।

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