
श्रीनगर में भागीरथी कला संगम की मासिक बैठक, दिवंगत परिजनों को श्रद्धांजलि; होली पर भव्य आयोजन की रूपरेखा तय
श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल)।
भागीरथी कला संगम की मासिक बैठक स्थानीय कल्यानेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक का आरंभ संस्था के उपाध्यक्ष मुकेश नौटियाल के पिता तथा सचिव पदमेंद्र रावत की माता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर किया गया। उपस्थित सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इसके उपरांत आगामी होली पर्व के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। संस्था ने निर्णय लिया कि इस वर्ष होली के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। होलियारों की टोलियां पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शहर के विभिन्न मार्गों पर होली गीत गाते हुए सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण करेंगी।
संस्था के निर्देशक मदन गड़ोई ने कहा कि होली हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाए, ताकि हमारी पहचान और संस्कृति सुरक्षित रह सके।” उन्होंने सभी सदस्यों से आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग की अपील की।
बैठक में कार्यक्रम की संभावित तिथियों, जिम्मेदारियों के निर्धारण तथा आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए अलग-अलग समितियों के गठन पर सहमति बनी।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र बर्थवाल, रमेश चंद्र थपलियाल, भगत सिंह बिष्ट, हरेंद्र तोमर, धर्मेंद्र, संजय कोठारी, किशोरी नौटियाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संस्था ने नगरवासियों से होली महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने की अपील की है।