इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा पति के चरित्र पर कीचड़ उछालना क्रूरता
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा पति के चरित्र पर कीचड़ उछालना क्रूरता है। बिना सबूत पति पर अवैध संबंध का आरोप लगाना उसकी सामाजिक मानसिक हत्या करने जैसा है इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पति ने पति की ओर से दाखिल तालाब की अर्जी मंजूर कर ली कोर्ट ने कहा अगर पति ने वर्षों तक कोई गिला शिकवा नहीं किया तो इसका मतलब कतई नहीं कि वह प्रताड़ित नहीं है