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जालौर तहसील के अतिवृष्टि पीड़ित किसानों को अनुदान से वंचित रखने पर रोष

आकोली/जालोर(दलपतसिंह भायल ) वर्ष2025 में जालौर जिले में हुई भीषण अतिवृष्टि से किसानों की खरीफ फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई थीं। बाजरा, ग्वार, मूंग, तिलहन सहित लगभग सभी फसलों में जलभराव एवं अत्यधिक वर्षा के कारण 90 से 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था। इसके बावजूद जालौर तहसील के किसानों को अब तक राज्य सरकार की घोषित अनुदान राशि से वंचित रखा गया है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने हेतु अनुदान राशि की घोषणा की गई थी, जिसमें जालौर जिले की भाद्राजून, आहोर, सायला, सांचौर, चितलवाना सहित कई तहसीलों को शामिल किया गया। लेकिन जालौर तहसील, जहाँ वर्ष 2025 में 1300 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई और सबसे अधिक फसल क्षति हुई, को अधिकारियों द्वारा सही रिपोर्ट नहीं भेजे जाने के कारण अनुदान सूची से बाहर कर दिया गया।
इस संबंध में बागरा मंडल के किसानों ने मंडल अध्यक्ष प्रकाश जी टेलर के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि सबसे अधिक नुकसान झेलने के बावजूद जालौर तहसील के किसानों को राहत नहीं मिलना गंभीर अन्याय है। किसानों ने मांग की है कि आदरणीय विधायक छगनसिंह जी राजपुरोहित के माध्यम से सरकार तक मामला पहुंचाकर अनुदान से वंचित रहे गांवों को भी राहत सूची में शामिल किया जाए।
विशेष रूप से बागरा मंडल के अंतर्गत आने वाले बागरा, आकोली, बिबलसर, देलदरी, सियाणा, रायपुरिया, सवणा, देवाड़ा, सुमेरगढ़ एवं कांदर सहित अन्य गांवों के किसानों को अनुदान राशि का लाभ दिलाने की मांग की गई है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही जालौर तहसील को अनुदान में शामिल नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

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