
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज के चुनाव स्थगित होने के पश्चात पंचायतों के कार्य में लगा विराम ,जल्द कार्य सुचारू रूप से चलाने की लोगों ने की मांग
सराहा 8फरवरी
पंचायती राज मे पंचायतो, बीडीसी व जिला परिषद के सदस्यों का कार्यकाल 31जनवरी क़ो समाप्त होने के पश्चात् पंचायत प्रधान की शक्तियां पंचायत सचिवों क़ो बीडीओ की देखरेख मे देने की अधिसूचना तो सरकार ने जारी कर दीं l पंचायतों के कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए कमेटियों के गठन का जिक्र भी अधिसूचना में किया परन्तु फ़रवरी महीने के आठ दिन निकल जाने के बाद भी अभी तक पंचायत सचिवों क़ो लिखित मे कोई दिशा निर्देश नहीं मिले है l लोग भी असमंजस में हे की अपने रोजमर्रा के कार्य करवाने के लिए क्या करे l लोगो के प्रधान द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्र व अन्य कार्य सुचारु रूप से नहीं हो पा रहे है जिसको लेकर लोगों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर स्वालिया निशान लगाए है l ऊना जिले के अंब ब्लॉक की गंगरेट पंचायत के पूर्व प्रधान वीरेंद्र कुमार का कहना है कि ज़ब सरकार ने पहले ही पंचायत चुनावों क़ो बाद मे करवाने का निर्णय ले लिया था तो पहले से ही सारी तैयारी कर लेनी चाहिए थी लेकिन इतने दिन हो गए है लेकिन अभी भी अधिकारी व कर्मचारी संशय मे है. पंचायत सचिवों को अभी तक लिखित में कोई आदेश नहीं मिले हे न ही उच्च अधिकारियों की तरफ से कोई दिशा निर्देश हे कि उन्हें क्या करना हे वही सिरमौर जिला के उपमंडल पछाद की ग्राम पंचायत सराहा के पूर्व उप प्रधान नरेंद्र कुमार का कहना हे कि जन प्रतिनिधियों के अभाव में लोगों को अपना कार्य करवाने के लिए भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हे जन प्रतिनिध जहां लोगों के कार्य करवाने के लिए हर समय मौजूद रहते थे वहीं पंचायत सचिव कार्यों की व्यस्तता के चलते लोगों को पूरा समय देने में असमर्थ है l
कई पंचायतो मे पंचायत सचिव के पास दो से तीन पंचायतो का चार्ज है ऐसे मे लोग उन्हें कहाँ ढूंढे गे l वही जब। कई पंचायतों के सचिवों से जानकारी हासिल की तो उन्होंने माना कि अभी तक उन्हें किसी भी तरह के प्रोपर दिशा निर्देश नहीं मिले हे l वही इलाके के जाने माने समाज सेवक विनोद शर्मा, युवा नेता विजय ठाकुर व अन्य लोगों ने सरकार से निवेदन किया हे कि जनहित में जल्द से जल्द पंचायती राज के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिशा निर्देश जारी करें ।