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क्या दिल्ली में भी कोई 'एपस्टीन' है?



दिल्ली अब 'गायब' होने वालों का गढ़ बनती जा रही है। आंकड़े देखेंगे तो पैरों तले जमीन खिसक जाएगी!
जनवरी 2026 के एक महीने में ही 1,777 लोग दिल्ली से लापता हुए हैं।
​और सबसे डरावनी बात यह है कि इनमें से हजारों महिलाएं और बच्चियां ऐसी हैं जिनका आज तक कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस के अपने आंकड़े कहते हैं कि 'अनट्रेस्ड' महिलाओं की संख्या पिछले कुछ सालों में तीन गुना बढ़ गई है (1,606 से बढ़कर 5,576 हो गई है)।

जब हजारों की तादाद में औरतें और बच्चे गायब हो रहे हों और उनका कोई नामो-निशान न मिले, तो शक की सुई एक ही तरफ जाती है।
जेफ्री एपस्टीन के द्वीप पर भी यही होता था—मासूमों को लाया जाता था, उनका शोषण होता था और दुनिया को खबर तक नहीं होती थी।
​क्या हमारे यहाँ भी कोई 'देसी एपस्टीन' बैठा है? क्या इन गायब बच्चों और औरतों को तस्करी के जरिए किसी गुप्त 'आइलैंड' या किसी नरक में भेजा जा रहा है?
ये सिर्फ 'मिसिंग रिपोर्ट्स' नहीं हैं

यह एक बहुत बड़े स्कैंडल की आहट है। बच्चे रेलवे स्टेशनों से उठाए जा रहे हैं, गैंग्स सक्रिय हैं, और हम बस आंकड़े गिन रहे हैं।
​अगला नंबर किसी का भी हो सकता है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह इंसानियत के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश है!

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