सारंगढ़: स्कूल बंद होने की घोषणा से शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा संकट, 70 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में
सारंगढ़ (छत्तीसगढ़)। समता कॉलोनी स्थित अशोका पब्लिक हाई सेकेंडरी स्कूल के फरवरी माह की परीक्षाओं के बाद बंद होने की सूचना ने अभिभावकों और विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूल बंद किए जाने के फैसले के बाद यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि अब बच्चे पढ़ाई कहां करेंगे?
प्रभावित अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में चौथी, सातवीं और आठवीं कक्षा के अनेक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शैक्षणिक सत्र के बीच में स्कूल बंद होने से इन बच्चों का दूसरे स्कूलों में प्रवेश कैसे होगा, यह स्पष्ट नहीं है। कई स्कूलों में सत्र के मध्य प्रवेश लेने में दिक्कतें आती हैं, जिससे बच्चों का पूरा साल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है।
अभिभावकों ने यह भी चिंता जताई कि आईटीआई में पढ़ रहे विद्यार्थियों का भविष्य भी असमंजस में है। आईटीआई में प्रवेश की प्रक्रिया एक बार ही होती है, दोबारा प्रवेश की व्यवस्था नहीं होती। ऐसे में यदि स्कूल बंद हो गया तो इन छात्रों का शैक्षणिक भविष्य पूरी तरह संकट में पड़ जाएगा।
परिजनों के अनुसार, लगभग 70 विद्यार्थी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवारों में 11 परिवार ऐसे हैं, जहां एक ही बच्चे का प्रवेश संभव हो पाया था। अब स्कूल बंद होने की स्थिति में इन बच्चों के सामने न तो वैकल्पिक व्यवस्था स्पष्ट है और न ही शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस मार्गदर्शन मिला है।
अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। बिना यह सुनिश्चित किए कि बच्चों का स्थानांतरण या वैकल्पिक प्रवेश कहां होगा, स्कूल बंद करने की अनुमति देना बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है।
अब सभी की नजरें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वह इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर प्रभावित विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक स्कूल, आरटीई के तहत पुनः प्रवेश और आईटीआई छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करेगा या नहीं।
संवाददाता: गौरव सिंह
AIMA न्यूज़