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दिसंबर से मनरेगा मजदूरी लंबित – केंद्रीय निधि की तिथि स्पष्ट करने की मांग....

अहिल्यानगर / महाराष्ट्र :
महाराष्ट्र राज्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के अंतर्गत कार्य पूर्ण कर चुके हजारों मजदूरों को दिसंबर 2025 से अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। राज्य सरकार द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि मजदूरी भुगतान में हो रहा यह गंभीर विलंब केंद्रीय निधि उपलब्ध न होने के कारण है। हालांकि, यह निधि किस निश्चित तिथि को उपलब्ध होगी, इस संबंध में अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस गंभीर और राज्यव्यापी मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं RTI कार्यकर्ता रवीकुमार शिंदे ने भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को ई-मेल एवं शिकायत के माध्यम से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा अधिनियम, 2005 के अंतर्गत समय पर मजदूरी प्राप्त करना मजदूरों का कानूनी और संवैधानिक अधिकार है। केवल “निधि उपलब्ध नहीं है” ऐसा कारण बताकर महीनों तक मजदूरी रोककर रखना कानून और मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।
रवीकुमार शिंदे ने केंद्र सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं—
महाराष्ट्र राज्य के लिए मनरेगा मजदूरी का केंद्रीय निधि किस निश्चित तिथि को जारी किया जाएगा, इसकी स्पष्ट घोषणा की जाए।
निधि जारी होने के पश्चात मजदूरों के बैंक खातों में मजदूरी जमा होने की निश्चित समय-सीमा घोषित की जाए।
मजदूरी भुगतान में हो रहे विलंब को लेकर केंद्रीय स्तर पर की जा रही कार्यवाही की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विषय किसी एक व्यक्ति से संबंधित नहीं, बल्कि महाराष्ट्र राज्य के हजारों गरीब ग्रामीण मजदूरों की आजीविका और मानवाधिकारों से जुड़ा राज्यव्यापी मुद्दा है। अतः इस शिकायत को व्यक्तिगत मानकर बंद न किया जाए।
विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं मजदूर संघों ने भी केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इस गंभीर विषय पर तत्काल हस्तक्षेप करे और महाराष्ट्र में दिसंबर से लंबित मनरेगा मजदूरी का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करे।
— जारीकर्ता —
रवीकुमार शिंदे
राज्य सचिव
भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद, महाराष्ट्र राज्य
RTI कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता
प्रचार एवं प्रसार प्रमुख, महाराष्ट्र
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