
विश्वविद्यालय और जेएनयू में संविधान सुरक्षा पार्टी करेगी अपने छात्र परिषदों की घोषणा
दिल्ली। संविधान सुरक्षा पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों—दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU)—में अपने छात्र परिषदों की जल्द घोषणा किए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्र राजनीति को सकारात्मक, संवैधानिक और न्याय आधारित दिशा देने के उद्देश्य से की जा रही है।
नवाब सतपाल तंवर ने स्पष्ट किया कि संविधान सुरक्षा पार्टी का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना है। सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, दलित वर्ग सहित सभी वर्गों के छात्रों के हितों का समान रूप से ध्यान रखा जाएगा। उनका मानना है कि किसी भी समाज की मजबूती तभी संभव है जब हर वर्ग को न्याय, सम्मान और समान अवसर मिले तथा किसी के साथ भेदभाव न हो।
उन्होंने यह भी बताया कि वे केवल संविधान सुरक्षा पार्टी के ही नहीं, बल्कि सामाजिक संगठन भीम सेना के भी संस्थापक हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भीम सेना कोई राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि एक सामाजिक संगठन है, जो समाज में जागरूकता, न्याय और अधिकारों के लिए कार्य करता है। दोनों संगठनों की मूल सोच समान है—संविधान की रक्षा, सामाजिक समरसता और अन्याय के खिलाफ संघर्ष।
नवाब सतपाल तंवर ने वर्तमान समय में झूठे मुकदमों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कानून का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को फंसाना एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे समाज में भय और अविश्वास का माहौल बनता है। ऐसे मामलों में झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त और प्रभावी कानून बनाए जाने चाहिए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय देश का भविष्य गढ़ते हैं। यदि छात्र राजनीति संविधान, समानता और भाईचारे के सिद्धांतों पर आधारित होगी, तो आने वाला भारत भी मजबूत और न्यायपूर्ण होगा। अंत में उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे जाति और वर्ग की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट हों और न्याय आधारित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।