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मत्स्य व्यवसाय से जुड़े मछुआ सहकारी समिति, मत्स्य विक्रेता तथा विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित


मत्स्य व्यवसाय से जुड़े मछुआ सहकारी समिति, मत्स्य विक्रेता तथा विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित

दित्यपाल राजपूत

कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मत्स्य विभाग से संबंधित विभिन्न स्टेक होल्डर्स, मछुआ सहकारी समिति, फिश पार्लर स्थापित ग्राम पंचायतो के प्रतिनिधि, मत्स्य व्यवसाय से जुड़े थोक मत्स्य विक्रेता तथा विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने सभी उपस्थित सदस्यों से पूछा कि वे विभाग से संबंधित प्रचलित योजनाओं में किन-किन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं जिससे वे अपने व्यवसाय मे वृद्धि कर सकें। उन्होंने सभी से सुझाव लिये कि मत्स्य उत्पादन को कैसे बढ़ाया जा सकता है, सभी सदस्य ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत करें।
श्री श्रोत्रिय द्वारा ऐसी आदिवासी मछुआ सहकारी समिति/सदस्य जो धरती आवा योजना के अंतर्गत आते हैं उन्हंे ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों को प्रोत्साहित किया कि सभी स्टेक होल्डर्स मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर मत्स्योत्पादन में वृद्धि लायें जिससे जिला अग्रणी स्थान प्राप्त कर सके। श्री श्रोत्रिय द्वारा सभी समितियों एवं सदस्यों को सुझाव दिया गया कि वे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की विभिन्न गतिविधियों यथा मोटर साईकिल, ऑटो, रेफ्रिजेरेटिड चेन आदि का लाम लेकर स्वयं भी विपणन कार्य से जुड़ें, जिससे वे उत्पाद का अधिक मूल्य प्राप्त कर सकें।
बैठक के दौरान समितियों द्वारा अवगत कराया गया कि उनके द्वारा अपने उत्पाद को स्थानीय स्तर पर मत्स्य व्यवसाइयों को विक्रय किया जाता है, जिसके उपरांत वे उत्पाद को या तो स्थानीय फुटकर विक्रेताओं को विक्रय करते है अथवा समेकित रूप से एकत्र कर बाहर के बाजार जैसे- झांसी, लखनऊ, गोरखपुर आदि में विक्रय करते है। स्थानीय स्तर पर व्यवसायी जो समितियों से 100 रू. किलो में मछली खरीदते हैं वही मछली बाहर के बाजारों में 150 रु. से 200 रू. में विक्रय की जाती है। बैठक में सहायक संचालक मत्स्योद्योग श्रीमती मेधा गुप्ता द्वारा योजनाओं से संबंधित जानकारी से समस्त सदस्यों को अवगत कराते हुये बताया गया कि मछली एक ऐसा उत्पाद है जिसका प्रत्येक अंग उपयोगी होता है किंतु स्थानीय स्तर पर उसका लगभग 30 से 40 प्रतिशत भाग अपशिष्ठ मानकर उपयोग नहीं किया जाता है। श्री श्रोत्रिय द्वारा इस संबंध मे सभी को प्रशिक्षित करने के भी निर्देश दिये गये है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी से सदस्यों को उपयंत्री श्री प्रभाकर टिकरया द्वारा जानकारी देते हुये बताया गया कि योजना के अंतर्गत विभिन्न गतिविधि जैसे साईकिल सह आईस बॉक्स, गोटर साईकिल सह आईस बॉक्स, ऑटोरिक्शा सह आईस बॉक्स, रेफ्रिजेरेटिड/इन्सुलेटिड ट्रक, बायोफ्लॉक, पॉन्ड बायोफ्लॉक, आईस प्लांट, फीड मिल तथा फिंगरलिंग स्टोकिंग के माध्यम से हितग्राही योजना का लाभ ले सकते है, जिसमें हितग्राहियों को सामान्य वर्ग के लिये 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति एवं महिला हितग्राही के लिये 60 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। जिस पर कलेक्टर महोदय द्वारा सभी सदस्यों को योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त करने के लिये प्रेरित किया गया।
मछुआ सहकारी समिति लार बंजरया अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि मछुआ क्रेडिट कार्ड तैयार किये जाने हेतु बैंको द्वारा प्रत्येक हितग्राही का पृथक-पृथक खाता खोलने हेतु कहा जाता है. जिसके कारण प्रत्येक हितग्राही को खाता खोलने में परेशान होना पड़ता है जबकि क्रेडिट कार्ड की स्वीकृति समिति के नाम जारी की जा रही है। श्री श्रोत्रिय ने लीड बैंक ऑफिसर तथा सहायक संचालक मत्स्योद्योग को समन्वय कर समाधान करने के निर्देश दिये। विभिन्न समितियों के अध्यक्षों द्वारा अवगत कराया गया कि उनके तालाबों में पानी की आवक अवरूद्ध हो जाने से उनके तालाब पूर्ण रूप से नहीं भर पा रहे है जिससे सूखने के कारण उन्हें मछली की क्षति होती है। विशेष रूप से लार तालाब, प्रेमसागर, मबई तालाब, दरगांय खुर्द (मोहनगढ़), रानी तालाब भेलसी के तालाब में जल आवक प्रभावित होने की बात रखी गई, जिस पर श्री श्रोत्रिय द्वारा कार्यपालन यंत्री जल संसाधान विभाग को तालाबों का निरीक्षण कर युक्ति-युक्त प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये गये।
अध्यक्ष मत्स्योद्योग सहकारी समिति महेन्द्रसागर तालाब टीकमगढ़ ने अवगत कराया कि उनके तालाब का बेस्टवियर क्षतिग्रस्त होने से तालाब की मछली निकल रही है। इसके समाधान के लिये कलेक्टर महोदय द्वारा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया गया। अध्यक्ष मत्स्योद्योग सहकारी समिति वृन्दावन तालाब टीकमगढ़ ने तालाब में अतिक्रमण से संबंधित बिन्दु से कलेक्टर श्री श्रोत्रिय को अवगत कराया जिसमें कलेक्टर महोदय द्वारा शीघ्र समाधान के निर्देश दिये गये। विभिन्न समितियों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा वर्षाकाल के दौरान बेस्टवियर पर जाली लगाने से रोका जाता है जिसके कारण उनके मत्स्यबीज की हानि होती है। श्री श्रोत्रिय द्वारा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग को सकारात्मक एवं ठोस कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में विभाग द्वारा पूर्व के लाभान्मित हितग्राहियों की सफलता की कहानी का वीडियो प्रस्तुतीकरण सदस्यों के समक्ष किया गया।

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