सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार मानदेय देने के फैसले से अनुदेशकों में खुशी की लहर
गोरखपुर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय 17000 रुपए प्रतिमाह किए जाने के न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय के बाद जनपद गोरखपुर के अनुदेशक शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की जीत बताया है।
परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि, “यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को राहत दी है।”
मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहा कि, “यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह निर्णय अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।”
जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और अनुदेशक शिक्षकों ने भी मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। विद्यालयों में इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर करुणेश भट्ट, टिंकू जायसवाल सहित कई अनुदेशक मौजूद रहें।