नाशिक में जन आक्रोश विशाल महामोर्चा का आयोजन
नाशिक में गिरीष महाजन जो महाराज्य के जलसंपदा मंत्री है। उन्होने 26 जनवरी गणतंत्र दिन पर नाशिक पोलीस परेड ग्राऊंड पर अपने भाषण मे भारत के संविधान रचेता बाबासाहब डॉ भिमराव रामजी आंबेडकर इनका कही पर नाम नही लिया बल्की छत्रपती शिवाजी शाहूजी संभाजी महाराज नाशिक के साधु महंत इनका भी जय जय कार किया लेकीन बाबासाहब डॉ. भिमराव रामजी आंबेडकर जी का नही किया इसका जबाब पुछने हमारे दो वनसंरक्षण महीला अधिकारी ने खुद डॉ. बाबासाहब आंबेडकरजी का अपमान नही सहेंगे चाहे मेरी वर्दी चले जाएँ संविधान जिंदाबाद बाबासाहब आंबेडकर जिंदाबाद जयजयकार किया तब वहाँ के पुलीस कर्मी अधिकारी ने उन्को सरकार वाडा पुलीस थाना पकड़कर लेके गये। हमारे इस मंत्री के खिलाफ आवाज उठाने वाली भीम शेरनी को उन्ह की ड्युटी या परिवार पर कोई आच न आए और संविधानिक पद पर बने मंत्री का तुरंत महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री तथा गृहमंत्री ने ऐसे गैर जिम्मेदार मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए ।.और फिर से कोई संविधान का अपमान की घटना भविष्य मे होनी नही चाहीए इसलिए और भुतपुर्व महाराष्ट्र के राजपाल कोशारी को सरकारने जो पदमरत्न पुरस्कार दिया है ओ वापस लेना चाहीए क्योंकी इन्होंने भी छत्रपती शिवाजी महाराज, ज्योतीराव और सावित्रीमाई फुले, शाहूजी इन महापुरषों का संविधानिक पद पर रहते भी अपमानित किया था। ऐसे आदमी को पद्ममरत्न पुरस्कार जो दिया है। ये पुरस्कार वापस लो महापुरुषों का अपमान नही सहेंगे इसलिए जन आक्रोश विशाल महामोर्चा का कल नाशिक मे हम भारतीय नागरिक नाशिकर.
इस नाम के बॅनर से किया था । और इसका नेतृत्व सभी महिलाए और कोअर कमेटी सदस्य कर रहे थे।. इस रॅली मे जनसैलाब उभरा हुआ था।.