logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

रोटरी क्लब का मोटिवेशनल टॉक शो 8 फरवरी को, नारी रत्न राजेश्वरी मोदी करेंगी सम्बोधित

कोटा, 5 फरवरी। रोटरी क्लब कोटा की ओर से 8 फरवरी 2026 को जवाहर नगर स्थित सत्यार्थ सभागार में मोटिवेशनल टॉक शो 4आयोजित किया जाएगा। जिसमें मोटिवेशनल स्पीकर राजेश्वरी मोदी "राज दीदी" व्याख्यान देंगी। गौरतलब है कि राज दीदी 2 वर्ष पूर्व भी रोटरी क्लब कोटा के कार्यक्रम में व्याख्यान दे चुकीं हैं।

प्रोजेक्ट चेयरमैन आशीष-सपना बिरला ने बताया कि कार्यक्रम के दो सेशन आयोजित किए जाएंगे। जिनमें राज दीदी छात्र छात्राओं को अवसाद मुक्त, चिंता मुक्त अध्ययन पर आधारित लीडिंग अ मीनिंग फुल लाइफ विषय पर  सम्बोधित करेंगी। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित जयपुर से भी लोगों ने पंजीकरण करवाएं है।

कोटा सेंटर हेड तारा झावर और प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट निमिषा मेघवानी ने बताया कि इस बार का टॉपिक "कुबेर का खजाना" है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर गौरव-निधि सिंघवी, विकास-रितु महेश्वरी, केके-नेहा बंसल, रेखा चौरसिया ने बताया कि पिछले वर्ष 1700 से अधिक संख्या में लोगों ने राज दीदी के टॉक का आनंद उठाया था। इसी तर्ज पर इस बार भी 2 हजार लोगों के आने का अनुमान है। प्रियंका पाटनी और रमन अरोड़ा ने बताया कि कार्यक्रम के पोस्टर एवं आमंत्रण पत्र का विमोचन कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने किया।

 प्रोजेक्ट चेयरमैन आशीष बिरला ने बताया कि राजेश्वरी मोदी जिन्हें लोग प्यार से राजदीदी कहते है। नारायण रेकी सत्संग परिवार की संस्थापिका है। कॉमर्स ग्रेजुएट राजदीदी उसुई व करुणा रेकी की ग्रांडमास्टर है इसके अलावा वे एक उच्च कोटि की काउंसलर व एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट भी हैं। दीदी का आभामंडल सकारात्मक सोच व आपसी संबंधों की दृढ़ता से भरपूर देवीयता का साक्षात स्वरूप हैं | बचपन से ही समाज सेवा के प्रति उनका रुझान था। जिसे उन्होंने दाम्पत्य जीवन व दो बच्चों की माँ बनने के साथ बखूबी निभाया। क्योंकि घर परिवार उनकी सर्वप्रथम प्राथमिकता थी। इसलिए घर पर दोपहर में रेकी और एक्यूप्रेशर की क्लास शुरू की। धीरे धीरे उनकी सोच लोगों की समझ में आने लगी और तेजी से इसका प्रचार  प्रसार हुआ तो दीदी ने राजस्थानी मंडल गोकुलधाम के कार्यालय में अपनी सेवा देना शुरू कर दिया। गहन साधना व सोच के बाद उन्होंने यह पाया की सकारातमक तरीके से संबंधों को दृढ़ बनाकर, समाज को सुधार जा सकता है। इसके लिए उन्होंने नारायण जीवन चक्र का प्रतिपादन किया और बड़े ही साधारण शब्दों में लोगो को मानवजीवन का उद्देश्य बताया। रेकी के माध्यम से हम सकारात्मक होकर जीवन विकास कैसे कर सकते है। नारायण रेकी सत्संग परिवार एक सामजिक संस्था है। नारायण रेकी सत्संग परिवार रेकी क्लास से आने वाली पूरी धनराशि का उपयोग ज़रूरतमंद बच्चो की पढाई, लड़कियों के विवाह और असहाय बच्चो के चिकित्सा के लिए करते है। मुंबई, अहमदाबाद, बरोदा,सूरत, नॉएडा, नासिक, जयपुर, भीलवाड़ा, इंदौर, कोलकोता, बेंगळुरुर, उदयपुर आसाम में नारायण रेकी सत्संग परिवार के रेकी हीलिंग केंद्र है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बैंकॉक और अमेरिका के न्यू जर्सी व शिकागो शहरों में रेकी सेमिनार का आयोजन किया जा  चुका है।

13
1081 views

Comment