यूजीसी कानून के विरोध में देशव्यापी उबाल, सामान्य वर्ग संगठनों का भारत बंद जैसा आंदोलन
नई दिल्ली।
यूजीसी कानून के विरुद्ध संपूर्ण भारत में सामान्य वर्ग संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा है। राजधानी से लेकर राज्यों के जिला मुख्यालयों तक जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। सामान्य वर्ग के संगठनों ने आरोप लगाया है कि यूजीसी कानून शिक्षा व्यवस्था में असमानता को बढ़ावा दे रहा है और सामान्य वर्ग के युवाओं के भविष्य के साथ सीधा अन्याय कर रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था और यूजीसी के नए प्रावधान सामान्य वर्ग को हाशिए पर धकेलने की साजिश हैं। देशभर में रैलियां, धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और चक्का जाम जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सामान्य वर्ग संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया गया और आरक्षण नीति पर पुनर्विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज, व्यापक और निर्णायक बनाया जाएगा।
नेताओं का दावा है कि यह आंदोलन किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में एकजुटता के साथ चल रहा है।
वहीं प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि—क्या सरकार सामान्य वर्ग के इस बढ़ते आक्रोश को गंभीरता से सुनेगी, या आंदोलन और उग्र रूप लेगा?