
पोईया प्रदूषण मामला: ग्रामीणों के साथ मंडलायुक्त से मिले मनीष चौहान; कोल्ड स्टोरेज और मटर प्लांटों की दबंगई से ग्रामीण बेहाल
आगरा (खन्दौली): ग्राम पंचायत पोईया में शीतगृहों और अन्य औद्योगिक इकाइयों द्वारा फैलाए जा रहे भीषण प्रदूषण के खिलाफ अब ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। क्षेत्रीय निवासी मनीष चौहान के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त (कमिश्नर) आगरा से मुलाकात कर उन्हें क्षेत्र की नारकीय स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों की साठगांठ के चलते उच्चादेशों को ठेंगे पर रखा जा रहा है।
इन ग्रामीणों ने मंडलायुक्त के समक्ष दर्ज कराई कड़ी आपत्ति:
मंडलायुक्त से मुलाकात के दौरान मनीष चौहान के साथ मुख्य रूप से गिरिराज सिंह गुप्ता , सोनू पंडित,चंद्रभान सिंह, रघुराज सिंह, सच्चिदानंद सिंह, अभिमन्यु सिंह, हरिओम सिंह और राजू सिंह सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि न केवल कोल्ड स्टोरेज, बल्कि क्षेत्र के मटर प्लांट और अन्य उद्योग भी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
कोल्ड स्टोरेज और मटर प्लांटों का गठजोड़:
ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को साक्ष्य सौंपते हुए बताया कि मै० शिवांग कोल्ड, मै० अग्रवाल कोल्ड, मै० टीकाराम कोल्ड, मै० श्री शीतगृह और स्थानीय मटर प्लांटों द्वारा सड़ा हुआ आलू, मटर के छिलके और केमिकल युक्त सीवरेज का पानी सीधे आबादी, स्कूलों और खेतों की ओर बहाया जा रहा है। मनीष चौहान ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की दिसंबर 2024 की रिपोर्ट में भी इस प्रदूषण की पुष्टि हुई थी, लेकिन जिला उद्यान अधिकारी आगरा इसे 'निजी जमीनी विवाद' बताकर दोषियों को संरक्षण दे रहे हैं।
पशु क्रूरता और महामारी का खतरा:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़ा हुआ आलू और औद्योगिक अपशिष्ट सार्वजनिक रूप से फेंकने के साथ-साथ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए गौशालाओं में भेजा जा रहा है, जो पशु क्रूरता का जघन्य अपराध है। NGT और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 का उल्लंघन करते हुए विषैला पानी भूजल को दूषित कर रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।
आंदोलन की चेतावनी:
ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि यदि मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद इन शीतगृहों और मटर प्लांटों को तत्काल विधिक कार्यवाही नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामवासी कमिश्नर कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को विवश होंगे।