
प्रदूषण मामला: राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के आदेशों को ठेंगे पर रख रहे अधिकारी; शीतगृहों की दबंगई जारी
आगरा (खन्दौली): ग्राम पंचायत पोईया में शीतगृहों द्वारा फैलाए जा रहे भीषण प्रदूषण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त आगरा ने उप जिलाधिकारी (SDM) एत्मादपुर और जिलाधिकारी आगरा ने क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अधिकारियों की रिपोर्ट पर उठे सवाल:
ग्रामीणों का आरोप है स्थानीय कोल्ड चेन शिवांग कोल्ड,अग्रवाल कोल्ड स्टोरेज,टीकाराम कोल्ड स्टोरेज, श्री शीत ग्रह द्वारा सड़े आलुओं एवंअपशिष्ट को सार्वजनिक रूप से फेंक रहे हैं जहां एक ओर उच्चाधिकारी कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं, वहीं जिला उद्यान अधिकारी आगरा मामले को 'निजी जमीनी विवाद' बताकर दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ता मनीष चौहान ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की दिसंबर 2024 की रिपोर्ट में भी प्रदूषण की पुष्टि हुई थी, जिसमें स्वामियों ने सड़ा आलू खुले में फेंकने की बात स्वीकारी थी।
पशु क्रूरता और महामारी का खतरा:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़ा हुआ आलू अपशिष्ट क्षेत्रीय निवासियों के आवासों स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थान एवं खेतों के आस-पास सड़क किनारे फेक रहे हैं एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए गौशालाओं में भी भेजा जा रहा है, जो पशु क्रूरता का जघन्य अपराध है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 और NGT के आदेशों का उल्लंघन करते हुए सड़े आलुओं एवंअपशिष्ट को वैज्ञानिक निस्तारण करने की आवश्यकता है जबकि विषैला पानी और सीवरेज सीधे खेतों में बहाया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन इकाइयों को सील नहीं किया गया, तो वे मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे।