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जालना में बड़ी कार्रवाई! 25 करोड़ के अतिवृष्टि अनुदान घोटाले में 22 तलाठी समेत 31 आरोपी गिरफ्तार

जलना : प्राकृतिक आपदा से तबाह किसानों के साथ सरकारी बाबुओं ने ऐसा धोखा किया कि पूरा जालना जिला सन्न रह गया। अतिवृष्टि अनुदान के नाम पर 24 करोड़ 90 लाख 77 हजार 811 रुपये की भारी भरकम रकम हड़पने वाले 31 आरोपियों को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें 22 तलाठी, 5 राजस्व अधिकारी, तहसील कर्मचारी और जिला कलेक्टर कार्यालय का एक कर्मचारी शामिल है।
सरकारी बाबू बने ‘फर्जी किसान’, तिजोरी पर डाला डाका
अंबड और घनसावंगी तालुका में अतिवृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हुई थीं। सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि जरूरतमंद किसानों तक पहुंचाने के बजाय भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों ने साजिश रचकर खुद ही किसान बनकर सरकारी खजाने पर डाका डाल दिया।
जांच में सामने आया कि
जिनके नाम एक गुंठा जमीन भी नहीं, उन्हें लाभार्थी बना दिया गया
फर्जी नाम और रिकॉर्ड सिस्टम में डाले गए
तहसीलदार के लॉगिन और पासवर्ड चुराकर सरकारी पोर्टल में छेड़छाड़ की गई
घोटाला छुपाने के लिए डिजिटल और कागजी सबूत मिटाने की कोशिश भी हुई
आर्थिक अपराध शाखा की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद अंबड पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ। इसके बाद आरोपी भूमिगत हो गए, मोबाइल बंद कर सोशल मीडिया से दूरी बना ली।
लेकिन आर्थिक अपराध शाखा के सहायक पुलिस निरीक्षक मिथुन घुगे और उनकी टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक-एक कर 31 आरोपियों को दबोच लिया।
अदालत ने भी दिखाई सख्ती
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने पहले सत्र न्यायालय और फिर छत्रपति संभाजीनगर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन
👉 मजबूत सबूतों और घोटाले की गंभीरता को देखते हुए सभी अग्रिम जमानत अर्जियां खारिज कर दी गईं।
अब होगी वसूली – बैंक खाते सील, संपत्तियां जब्त
अब तक इस घोटाले में 35 लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें से 31 जेल में हैं और 4 आरोपी फरार हैं।
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए—
आरोपियों के बैंक खाते फ्रीज किए
कुछ की चल-अचल संपत्तियों पर कार्रवाई
मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए
कौन-कौन हैं आरोपी?
तलाठी: 22
तहसील / राजस्व कर्मचारी: 5
जिलाधिकारी कार्यालय कर्मचारी: 1
कंप्यूटर ऑपरेटर व नेटवर्क इंजीनियर भी शामिल
अंबड और घनसावंगी तहसील में लॉगिन-पासवर्ड का दुरुपयोग कर यह करोड़ों का घोटाला अंजाम दिया गया।
👉 “कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा” — ऐसा स्पष्ट संदेश आर्थिक अपराध शाखा ने दिया है।

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