
कंडियाला पंचायत कालका पंचकूला द्वारा अंगदान व नेत्र जाँच शिविर लगाया गया
आज के इस सेवा और मानवता से ओत-प्रोत कैंप में 51 मरीज पहुँचे और सभी ने अपनी आँखों की जाँच करवाई।
इनमें से 4 मरीजों का ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज सेक्टर 32, चंडीगढ़ में होगा—जहाँ उनकी आँखों में लौटने वाली रोशनी उनके जीवन में नई उम्मीद, नया विश्वास और नई शुरुआत लेकर आएगी।
परंतु इस कैंप का सबसे गहरा, सबसे आत्मा को स्पर्श करने वाला क्षण वह था जब 6 महान लोगों—जिला सरपंच एसोसिएशन के प्रधान व कंडियाला के सरपंच करण सिंह, उनकी पत्नी हेमलता, दीपक जिंदल (हवेली कंडियाला), रामगोपाल ओरियां, श्यामलाल चौधरी (पपलोहा) और संदीप कुमार (खुराना कॉलोनी, कालका)—ने नेत्रदान और शरीरदान के लिए आगे बढ़कर पंजीकरण कराया।
यह कोई साधारण निर्णय नहीं…
यह वह साहस है, जब एक इंसान अपनी विदाई के बाद भी किसी और की जिंदगी का उजाला बनने का संकल्प लेता है।
यह वह प्रेम है, जो शरीर के बाद भी जीवित रहता है।
यह वह रोशनी है, जो बुझने के बाद भी किसी और की दुनिया को जगमग कर देती है।
इन छह महान आत्माओं ने साबित कर दिया कि
मानवता का सबसे ऊँचा स्थान दान नहीं—बल्कि वह प्रकाश है, जो किसी और की आँखों में जन्म लेता है