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एसटीडी गिरोह पर कार्रवाई होते ही दोगुनी हो गई झालावाड़ रोडवेज डिपो की इनकम

राजस्थान रोडवेज को राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले एसटीडी गिरोह का शुक्रवार को पुलिस ने पर्दाफाश किया था। गिरोह का सरगना निर्दलीय पार्षद नरेंद्र सिंह राजावत सन 2000 से रोडवेज से जुड़ा है। इसलिए उसे रोडवेज संचालन की पूरी जानकारी है। 2000 से 2013 तक रोडवेज की बसें ठेके पर लेता था। 2013 में नरेंद्र की नौकरी रोडवेज झालावाड़ डिपो में ड्राइवर पद पर लग गई थी।
नौकरी लगने के डेढ़ माह बाद रोडवेज कंडक्टर कमलेश सुमन और ड्राइवर मकसूद बेग के बीच विवाद हुआ था। एसटीडी सरगना नरेंद्र और गैंग ने 18 नवंबर 2013 को रोडवेज बस स्टैंड पर दोपहर 2:30 बजे मकसूद के बेटे मोहनिश पर फायरिंग कर दी थी। इस पर कोतवाली झालावाड़ में मारपीट व जानलेवा हमले का मामला दर्ज हुआ। इसमें नरेन्द्रसिंह राजावत, रमाकांत तेली, सोनू उर्फ भूपेंद्रसिंह, अंतिम माली उर्फ भूरिया, जितेंद्र ब्राह्मण, बनेसिंह, राजूनाथ आरोपी थे।
झालावाड़ रोडवेज बस स्टैंड पर नरेंद्र और उसकी गैंग द्वारा चालक के बेटे पर फायरिंग करने के बाद रोडवेज ने उसे सस्पेंड कर दिया था। 19 माह बाद रोडवेज में चालक पद से बर्खास्त कर दिया था। रोडवेज के झालावाड़ डिपो की जनवरी माह की प्रतिदिन की आय पर नजर डालें तो यह 4 से 5 लाख रुपए थी। 1 से 30 जनवरी तक यही क्रम चला, लेकिन 31 जनवरी को यह बढ़कर 10 लाख हो गई। 31 जनवरी 30 जनवरी 29 जनवरी झालावाड़ में जमा राजस्व (रुपए में) {आय लाख रुपए में ^सरगना नरेंद्र सिंह राजावत सन् 2000 से रोडवेज से जुड़ा हुआ था। 2013 में इसने फायरिंग की थी, जिसका मामला कोतवाली थाने में दर्ज है। इसके बाद रोडवेज ने बर्खास्त कर दिया था। - अमित कुमार, एसपी, झालावाड़
Aima media jhalawar






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