ट्रक ने बुजुर्ग का कुचला था पैर रिप्लांटेशन कर कटने से बचाया
झालावाड़-भवानीमंडी मार्ग पर पिपलिया के समीप ट्रक की टक्कर से 75 वर्षीय बुजुर्ग का एक पर गंभीर रूप से घायल हो गया था। संजीवनी व्यास हॉस्पिटल के विशेषज्ञों की टीम ने मरीज का जटिल ऑपरेशन कर उसका पैर कटने से बचा लिया।हॉस्पिटल में चिकित्सकों की टीम ने पैर सफलतापूर्वक रिप्लांट कर कीर्तिमान स्थापित किया। माइक्रो वैस्कुलर सर्जन डॉ. राघवेंद्र व्यास के नेतृत्व में यह जटिल ऑपरेशन किया गया। झालावाड़ के पिपलिया चौराहे पर मांगीलाल का पैर ट्रक के पहिए के नीचे आ जाने से चकनाचूर हो गया था। उसके बेटे गोपाल ने बताया कि पिता के इलाज के लिए झालावाड़, कोटा और जयपुर के कई अस्पतालों में गए। सभी जगह पैर काटने की सलाह दी थी। बाद में संजीवनी व्यास हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉ. व्यास ने पैर ठीक करने का आश्वासन दिया, जिससे परिवार को उम्मीद मिली। डॉ. राघवेंद्र ने ऑपरेशन के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सभी नसों और चकनाचूर हुई हड्डियों को पुनः जोड़कर रिप्लांटेशन किया। यह एक अत्यंत जटिल और सूक्ष्म प्रक्रिया थी। मरीज को करीब 15 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया। इस दौरान रोगी को मल्टीपल ऑर्गन फेलियर की स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसमें किडनी और लीवर फेल होना तथा रक्त में गंभीर संक्रमण शामिल था, जिससे जान का खतरा भी था। हालांकि, सर्जन आकाश ठक्कर, फिजिशियन डॉ. राहुल सोलंकी, डॉ. जितेंद्र चंद्रावत और डॉ. दुर्गा लाल सहित अस्पताल की टीम ने अथक परिश्रम कर मांगीलाल की स्थिति को स्थिर किया, जिसके बाद ऑपरेशन संभव हो सका। अब मांगीलाल खतरे से पूरी तरह बाहर है।Aima media jhalawar