कवि कुंभ में श्रेष्ठ रचनाकारों द्वारा स्वरचित रचना पाठ सम्पन्न।
एक फरवरी को कवि सम्मेलन हिंदी साहित्य समिति इंदौर में हुआ आयोजित
इंदौर| (जितेंद्र शिवहरे) मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति इंदौर में दिनांक एक फरवरी (रविवार) को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक 35 से अधिक कवि और शायरों ने सम्मिलित होकर रचनापाठ किया।
आयोजक जितेंद्र शिवहरे ने बताया कि इस कवि कुंभ में पुष्पेंद्र पुष्प (गजल), सुनील वर्मा 'मुसाफिर' जी (गीता/ गज़ल), कार्तिकेय त्रिपाठी 'राम' (कविता), श्रीमती स्वप्निल प्रदीप जैन (कविता), गौरव त्रिवेदी जी उज्जैन (श्रृंगार), मनीषा व्यास जी (गीत/ कविता), राजू गजभिए जी (गद्य रचना), प्रवीण ताल (हास्य व्यंग), डॉ. वासिफ काज़ी (ग़ज़ल), श्रीमती निधि दीक्षित शर्मा (कविता), रामेश्वर पाल जी, बड़वाह (कविता), सुरभि शुक्ला जी (कविता), डॉ. कृष्णा जोशी जी (कविता), डॉ. किरण पांचाल जी (गीत/गज़ल), एन एल पुरोहित जी (गीत/कविता), हिमांशु व्यास (ग़ज़ल/गीत), रंजना शर्मा 'सुमन' (कविता), गायत्री शर्मा जी (कविता), गरिमा दुबे (कविता), मनोहरलाल सोनी 'बाबा' जी (सब रस), गिरीश काले जी (कविता), वंदना मौर्या जी (गीत/ग़ज़ल), अरुणा सराफ जी (कविता), इक़बाल मोदी जी (ग़ज़ल/देवास), विनोद सोनगीर 'विन्रम' जी (हास्य व्यंग), राहुल मिश्रा 'इलाहाबादी' जी (वीर रस), सुधाकर मिश्रा जी (कविता/महूं), मयूर पाठक जी (गीत/कविता- मुरैना), दिनेश शर्मा जी (कविता), राखी जैन जी (गीत/ग़ज़ल), गोपाल कावलिया धाकड़ (हास्य/बदनावर), जितेंद्र राज जी (कविता/ग़ज़ल), प्रवीण गोस्वामी जी (ओज रस), रघुवीर कुमार जी (बेगूसराय, बाल कविता), कमलेश परदेशी जी (बड़वानी, हास्य ), डॉ. सुरेश यादव (उज्जैन/गीत), ज़ीनत मुरादाबादी (गज़ल/उत्तर प्रदेश), जब्बार शरीब (गज़ल/झांसी), मकसूद शाह (हजल/देवास), रेखा भागवत, सुनील सिपाही, गोविंद दुबे, मुकेश इंदौरी आदि कवि और शायरों ने रचनापाठ किया। आयोजन में सुधी श्रोताओं ने गीत, कविता और ग़ज़लों का खूब आनंद लिया। कवि कुंभ में सम्मिलित समस्त कवियों ने समय पर उपस्थित होकर सभ्यता और शालीनता के साथ अनुशासित होकर काव्य पाठ किया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश वर्मा दानिश जी एवं समाज सेवी सुमित्रा देवी मिश्रा का सम्मान किया। पत्रकार संजय नजान एवं अन्य गणमान्य श्रोता उपस्थित थे। संचालन सुनील कुमार वर्मा मुसाफिर, विनोद विन्रम, राहुल मिश्रा इलाहाबादी आदि ने किया तथा आभार जितेंद्र शिवहरे ने माना।