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केंद्रीय बजट से राजस्थान को है ये उम्मीदें, क्या जयपुर को एम्स और मेट्रो विस्तार की वित्तीय स्वीकृति मिलेगी?

केंद्रीय बजट में राजस्थान को कई सौगातों की उम्मीद है, जिनकी मांग भी राज्य सरकार ने केंद्र से की है। बजट में पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक व यमुना जल संवहन परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की केंद्र से अपेक्षा है, वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं को उच्च स्तरीय बनाने के लिए जयपुर को एम्स की दरकार है।

जल संकट के स्थाई समाधान से लेकर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं तक राज्य की उम्मीदें इस बार बड़ी हैं। राजस्थान सरकार ने अपनी मांगों से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पिछले दिनों अवगत भी करा दिया, अब बारी केंद्र सरकार की है।

राजस्थान : केंद्रीय बजट से इन घोषणाओं की अपेक्षा
1- पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को बनाएं राष्ट्रीय महत्व की परियोजना, लागत की 90 प्रतिशत राशि मिले।
2- यमुना जल संवहन परियोजना राष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल हो, 200 करोड़ मिलें।
3- ड्राॅप मोर क्राॅप योजना के अंतर्गत 900 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता।
4- रावी-व्यास नदी से पानी के समझौते के अनुसार 8.60 एमएएफ (मिलियन एकड़ फीट) में से 0.60 एमएएफ हिस्सा भी मिले।
5- वर्ष 2018 में घोषित 50 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिसूचित किया जाए
6- ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए वीजीएफ सहायता।
7- अमृत 2.0 मिशन की अवधि मार्च 2028 तक बढ़े।
8- हेरिटेज टूरिज्म सर्किट, अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के लिए बजटीय सहयोग।
9- एसएनए-स्पर्श को ध्यान में रखते हुए तरलता प्रबंधन के लिए वित्तीय साख सीमाओं में वृद्धि की जाए।
10- जयपुर के साथ जोधपुर व उदयपुर से भी अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क सेवाओं का विस्तार हो।
11- राजस्थान में राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग व राष्ट्रीय हरित अधिकरण की सर्किट बेंच शुरू की जाए।
वेतन व स्थापना व्यय वहन करें केंद्र सरकार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं समग्र शिक्षा अभियान के संविदाकर्मियों के नियमित होने के बाद भी वेतन व स्थापना व्यय केंद्र सरकार वहन करे। वहीं विशेष सहायता के तौर पर जारी 50 वर्षीय ब्याज-मुक्त पूंजीगत व्यय ऋण योजना के अंतर्गत पूंजीगत व्यय बढ़े। इस योजना के भाग-1 के अनटाइड फंड आवंटन को दोगुना किया जाए तथा भाग-2 की परियोजनाओं की समय-सीमा बढे।
जयपुर मेट्रो के दूसरे फेस के लिए वित्तीय स्वीकृति मिले
राजधानी जयपुर में मेट्रो का विस्तार जरूरी हो गया है। जयपुर मेट्रो के दूसरे फेस के लिए वित्तीय स्वीकृति की उम्मीद है। वहीं जयपुर में एम्स की स्थापना तथा पीएम एबीएचआईएम योजना की अवधि बढ़ाई जाने की मांग है।

केंद्रीय बजट से उम्मीदें
रोड पानी के लिए अधिक बजट मिल सकता है। हेरिटेज टूरिज्म के लिए सरकार को योजना लाती है तो उसका लाभ राजस्थान को अधिक मिलेगा। सरकार रक्षा, एमएसएमई पर फोकस कर सकती है, तो भी प्रदेश को काफी लाभ मिलेगा। नदियों की कनेक्टिविटी के लिए योजना लाई जा है।

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