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अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन महत्वपूर्ण मौसम संबंधी विशेष

♦️रविवार 01 फरवरी 2026

♦️ जारी होने का समय: 09:00:00 बजे IST (सुबह)

♦️अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन

♦️महत्वपूर्ण मौसम संबंधी विशेषताएं, मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियाँ

♦️जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद और हिमाचल प्रदेश में 1 फरवरी को और उत्तराखंड में 1 और 2 फरवरी को छिटपुट से लेकर काफी व्यापक वर्षा/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे से लेकर 50 किमी प्रति घंटे तक के झोंके) चलने की संभावना है।

♦️पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 1 फरवरी को तथा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 1 से 3 फरवरी के दौरान तथा पूर्वी राजस्थान में 1 और 2 फरवरी को छिटपुट हल्की बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटा से 50 किमी प्रति घंटा तक) की संभावना है।

♦️1 फरवरी, 2026 को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना भी है।

♦️न्यूनतम तापमान का पूर्वानुमान:

♦️अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी, अगले 48 घंटों के दौरान कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा; इसके बाद के 4 दिनों के दौरान 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।

♦️अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात राज्य में तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के 2 दिनों में 3-5 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट और उसके बाद के 4 दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी।

♦️देश के शेष हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

♦️घना कोहरा और ठंड का दिन रहने की चेतावनी:

♦️असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी तक, ओडिशा में फरवरी तक और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 फरवरी को सुबह/रात के समय कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

♦️1 फरवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में शीत दिवस की संभावना है।

♦️मौसम संबंधी विश्लेषण (भारतीय समयानुसार सुबह 05:30 बजे के आधार पर)

♦️उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे अफगानिस्तान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी की ऊंचाई पर स्थित है, जिसका गर्त ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में स्थित है और जिसका अक्ष समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 68° पूर्व देशांतर के अनुदिश अक्षांश 30° उत्तर में स्थित है।

♦️मध्य पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में उत्पन्न प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तरी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में स्थित है और समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है।

♦️उत्तरपूर्वी अरब सागर से पंजाब तक फैली निम्न दबाव प्रणाली अब मध्य महाराष्ट्र के मध्य भागों से लेकर दक्षिणी पंजाब तक गुजरात क्षेत्र से होकर गुजरती है और उत्तरी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर स्थित है।

♦️उत्तरपूर्वी भारत में उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम प्रचलित है, जिसकी मुख्य हवा की गति समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर ऊपर लगभग 125 समुद्री मील है।

♦️लक्षद्वीप क्षेत्र और केरल तट से सटे दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर औसत समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर स्थित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

♦️कोमोरिन क्षेत्र और आसपास के इलाकों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है जो समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है।

♦️2 फरवरी 2026 की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है।

♦️एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के 5 फरवरी 2026 की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने की संभावना है।

♦️उत्तर गुजरात और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर स्थित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण कम स्पष्ट हो गया है।

♦️मध्य पाकिस्तान से उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैले चक्रवाती परिसंचरण से उत्पन्न निम्न दबाव क्षेत्र अब कम स्पष्ट हो गया है।

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