
महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ में शोक की लहर
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⚫ विभाग में त्रासदी
महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ में शोक की लहर
छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग से एक दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। विभाग में पदस्थ एक महिला सुपरवाइज़र द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर ने पूरे प्रशासनिक तंत्र और सहकर्मियों को सदमे में डाल दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना भाटापारा क्षेत्र की है, जहाँ महिला अधिकारी अपने आवास में फांसी के फंदे पर मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, लेकिन मानसिक तनाव, कार्यदबाव या व्यक्तिगत कारण—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि
➡️ मैदानी स्तर पर काम कर रहे महिला कर्मियों पर कितना दबाव है?
➡️ क्या विभागीय सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है?
विभागीय अधिकारियों ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
🕯️ Aima Media का सवाल
जब महिला-बाल कल्याण के लिए काम करने वाली ही सुरक्षित और मानसिक रूप से सशक्त नहीं,
तो सिस्टम में सुधार कब होगा?
Aima Media – इलाही यश जी
सच के साथ, सवाल के साथ।