
छत्तीसगढ़ का यह नजारा गौ माता मजबूर है प्लास्टिक एवं कचरा खाने को आखिर लापरवाही किसकी
जब गाय कचरे में से प्लास्टिक खाती है, तो उस समय उनकी रक्षा की प्राथमिक ज़िम्मेदारी नगर निगम/स्थानीय निकायों (Local Municipal Bodies), गाय के मालिक (यदि पालतू है), और आम नागरिकों (जो कूड़ा फेंकते हैं) तीनों की होती है।
यहाँ जिम्मेदारी के विभिन्न पहलू दिए गए हैं:
स्थानीय प्रशासन/नगर निगम: संविधान के अनुच्छेद 243(W) के अनुसार, स्थानीय निकायों का यह काम है कि वे मवेशियों के लिए कांजी हाउस/गौशालाओं का प्रबंधन करें और सार्वजनिक स्थानों को कचरा मुक्त रखें ।
गाय के मालिक: जिन लोगों ने गाय पाली है, उनकी सबसे पहली ज़िम्मेदारी है कि वे गायों को सड़कों पर न छोड़ें। यदि मालिक ने गाय छोड़ी है, तो उसकी तबीयत बिगड़ने पर जिम्मेदारी उसी की है।
आम नागरिक: नागरिकों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे खाने के कचरे को प्लास्टिक बैग में बांधकर न फेंकें, क्योंकि गायें प्लास्टिक खाकर बीमार हो रही हैं या मर रही हैं।
कानूनी पहलू: 'पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960' के तहत जानवरों को ऐसी परिस्थितियों में छोड़ना, जहां वे प्लास्टिक खाने को मजबूर हों, एक दंडनीय अपराध है।
निष्कर्ष: यह समस्या मुख्य रूप से इंसान की लापरवाही के कारण है, इसलिए इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।