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आजादी के बाद से अब तक आरक्षित नहीं हुई गुरुगावा मुस्तकिल सीट, जाटव समाज ने खोला मोर्चा

*तरुण चहल संवाददाता बरेली* जिले के विकासखंड मझगवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुरुगावा मुस्तकिल में चुनावी बिगुल बजने से पहले ही आरक्षण को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। जाटव समाज के लोगों ने एकजुट होकर इस बार ग्राम प्रधान पद की सीट को अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित करने की पुरजोर मांग उठाई है। ग्रामीणों का तर्क है कि स्वतंत्रता के बाद से आज तक इस पंचायत में अनुसूचित जाति को प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिला है।
संवैधानिक अधिकार के लिए आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत में बड़ी आबादी होने के बावजूद जाटव समाज को नेतृत्व से वंचित रखा गया है। वीर सिंह सागर और प्रेमपाल सागर ने संयुक्त रूप से कहा, "यह हमारा संवैधानिक अधिकार है। यदि इस बार भी जिला प्रशासन ने हमारी मांग को नजरअंदाज किया, तो हम सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।" जाटव समाज के लोगों ने निर्णय लिया है कि वे जल्द ही एक ज्ञापन जिलाधिकारी (DM) को सौंपकर आरक्षण चक्रानुक्रम (Reservation Cycle) की जांच और सीट आरक्षित करने की मांग करेंगे।
*खंडहर बना 'बाबा साहब सामुदायिक भवन', रोष व्याप्त*
आरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों ने गांव में स्थित बाबा साहब सामुदायिक भवन की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के बाद से आज तक इस भवन की मरम्मत नहीं कराई गई है, जिससे यह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो रहा है। इसके रखरखाव के प्रति प्रशासन की उदासीनता से सर्व समाज में भारी आक्रोश है इस दौरान मुख्य रूप से जसवीर सिंह, आराम सिंह, मोर सिंह, जितेंद्र सागर सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक भवन की अविलंब मरम्मत कराई जाए और ग्राम पंचायत के आरक्षण में सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाए।

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