ग्राम पंचायत तोड़ी में नाला निर्माण में बड़ी लापरवाही, अधिकारियों पर उठे गंभीर सवाल, जल्द होगी उच्च स्तरीय जांच।
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद जिले के ग्राम पंचायत तोड़ी में नाला निर्माण कार्य के दौरान जिला पंचायत अधिकारियों, ग्राम सचिव एवं संबंधित अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अधिकारियों द्वारा नाला निर्माण का कार्य शुरू कराया गया, लेकिन इसी दौरान नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की निर्धारित सरहद में आने वाले मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की गई, लेकिन हैरानी की बात यह है कि नाले की सीमा में ही आने वाले एक मकान को जानबूझकर छोड़ दिया गया, जबकि उसके आसपास स्थित सभी मकानों को तोड़ दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन मकानों को तोड़ा गया, उन्हें पहले से कोई स्पष्ट नोटिस नहीं दिया गया और न ही किसी तरह की सुनवाई की गई। वहीं, नाले की सरहद में आने वाले एक मकान को अधिकारियों द्वारा जबरन छोड़ दिया गया, जिससे पूरे मामले में पक्षपात और मनमानी की आशंका गहराती जा रही है।
इस कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार जिला पंचायत अधिकारियों और ग्राम सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।
नाला निर्माण कार्य में सामने आई गंभीर लापरवाही के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की तैयारी है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति का गठन किया जाएगा, जो पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी देखा जाएगा कि नाले की सरहद में आने वाले मकानों को तोड़ने में नियमों का पालन किया गया या नहीं, और किसी एक मकान को छोड़ने के पीछे क्या कारण रहे। यदि जांच में दोषी अधिकारी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।