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बोकारो--- "दो शब्द गांधी पर" कार्यक्रम का सफल आयोजन सैकड़ों गांधीवादियों ने महात्मा गांधी के विचारों पर व्यक्त किए अपने विचार।

बोकारो---
"दो शब्द गांधी पर" कार्यक्रम का सफल आयोजन
सैकड़ों गांधीवादियों ने महात्मा गांधी के विचारों पर व्यक्त किए अपने विचार।
आज "ट्रू गाँधीयन ग्रुप और बोकारो स्टील ऑफिसर एसोसिएशन (रिटायर्ड) के संयुक्त तत्वावधान में आज 30 जनवरी 2026 को गाँधी की पुण्य तिथि पर एक विचार समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शीर्षक "दो शब्द गांधी पर" था, जो महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके जीवन, दर्शन एवं सिद्धांतों को याद करने एवं उन पर चिंतन करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम का संचालन ट्रू गाँधीयन के व्यवस्थापक नरेंद्र ने किया।नरेंद्र और अनूप चौबे ने गाँधी की तस्वीर पर पुष्प और माला अर्पित कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की।बोकारो स्टील ऑफिसर एसोसिएशन (रिटायर्ड) के अध्यक्ष अनूप कुमार चौबे ने अपने 2 शब्दों में स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों को नमन करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम गांधीजी के विचारों को जीवंत रखने एवं समाज में फिर से उनके विचारों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक छोटा लेकिन सार्थक प्रयास है।
"गाँधी पर दो शब्द" विषय पर बोलते हुए श्री चौबे ने गाँधी की महानता की चर्चा की और एक वाक्या का जिक्र किया।वाराणसी मे हिन्दू विश्वविद्यालय मे मदन मोहन मालवीय का आगमन होनेवाला था और गाँधी जी उनके स्वागत के लिये नंगे पाँव सभा स्थल के गेट पर पहुँच कर उनका स्वागत किया।देश के इतने बड़े नेता का नंगे पाँव चलकर गेट तक आना उनकी महानता को दर्शाता है।कभी वे खुद को महान नही समझा।आज के समय मे हर नेता एक दुसरे को छोटा साबित करने के लिये सारी मर्यादाओं को तोड़ने का काम कर रहे है। गाँधी विचार मंच के श्री ओम प्रकाश गुप्ता ने अपने शब्दों मे गाँधी को विश्व का सबसे महान नेता बताया। तारा बाबू ने बताया की गांधी जी को पुरा विश्व भगवान की तरह मानते थे।देश को गाँधी के बताये रास्तों पर चलने की जरुरत है। गांधीवादी विचारों को आत्मसात कर समाज की कुरीतियों और बुराइयों को दूर करने के लिए कार्यरत श्री जगन्नाथ सिंह ने अपने दो शब्दों मे गाँधी को ढालते हुए गाँधी की हत्या को एक विचारधारा कि हत्या बताया। बोकारो इस्पात रिटायर्ड आफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव श्री एस के झा ने "गाँधी पर दो शब्द बोलते हुए समारोह के आयोजक नरेंद्र को साधुवाद दिया और कहा की गाँधी के सिद्धान्तो पर चलकर समाज मे व्याप्त सारी बुराइयों को दुर किया जा सकता है।
इस कार्यक्रम में बोकारो एवं आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में गांधीवादी, सामाजिक कार्यकर्ता, रिटायर्ड अधिकारी, शिक्षक, छात्र एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने गांधीजी के अहिंसा, सत्याग्रह, स्वदेशी, सर्वोदय, ग्राम स्वराज, समानता एवं सामाजिक न्याय जैसे मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। कई वक्ताओं ने वर्तमान समय में गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला तथा युवा पीढ़ी को इन आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
ट्रू गांधीयन समूह के सदस्यों, नरेंद्र कुमार, रितेश कुमार चौबे, पंकज चौधरी,काली माँझि,सूनील सिंह,संध्या मिश्रा, ने भी इस आयोजन को गांधीजी के सच्चे अनुयायियों के बीच एकजुटता का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल थे :उमा शंकर सिंह, सुबोध झा, रुपम अखौरी, शैलेश कुमार दुबे, संध्या मिश्रा, बी एम सिंह, जे के मल्लिक, पी पी साव, जगदीश पांडेय, तारा बाबू, ओमप्रकाश गुप्ता, प्रियांक अग्रवाल, विनेश कुमार नायक, प्रदीप कुमार, पूजा कुमारी, सोनी कुमारी, कुमार राकेश, सुजीत कुमार, वरुण, यश खान, सलीम अंसारी, रोहित प्रसाद, अमित कुमार,सत्येंद्र कुमार साहू, संतोष साहू, महावीर साहू भारती, उमेश कुमार, सुरभि कुमारी, अखौरी बी प्रसाद, शीतल कुमारी, आतिश चंद्र मिश्रा, नीतू कुमारी
अंत में सभी को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए ट्रू गाँधीयन के संचालक श्री नरेंद्र ने कार्यक्रम की समाप्ती की घोषणा की।
बोकारो से नरेंद्र की रिपोर्ट-

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