
मोबाइल से मिलेगा राशन, फिजिकल कार्ड और बायोमेट्रिक की झंझट होगी खत्म
नई दिल्ली। भारत सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी, सरल व डिजिटल बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत अब धीरे-धीरे फिजिकल राशन कार्ड और बायोमेट्रिक (अंगूठा या आईरिस स्कैन) की जरूरत समाप्त की जाएगी और पात्र लाभार्थियों को मोबाइल फोन के जरिए डिजिटल तरीके से राशन सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस नई व्यवस्था को डिजिटल फूड कूपन (Digital Food Coupons) या डिजिटल राशन सिस्टम के नाम से लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के मोबाइल फोन में RBI-सक्षम डिजिटल वॉलेट के माध्यम से डिजिटल कूपन सीधे भेजे जाएंगे। राशन लेने के लिए लाभार्थी को केवल उचित मूल्य दुकान (FPS) पर लगे QR कोड को स्कैन करना होगा, जिससे कूपन तुरंत रिडीम हो जाएगा। इस प्रणाली में न तो फिजिकल राशन कार्ड दिखाने की आवश्यकता होगी और न ही बायोमेट्रिक सत्यापन की।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह डिजिटल कूपन केवल राशन सामग्री के लिए ही उपयोग किया जा सकेगा, अन्य किसी वस्तु या सेवा में इसका इस्तेमाल संभव नहीं होगा।
फिलहाल यह नई डिजिटल राशन प्रणाली पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ चुनिंदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है। इनमें चंडीगढ़, पुडुचेरी और गुजरात के कुछ जिले शामिल हैं। पायलट चरण की सफलता के बाद इसे पूरे देश में लागू किए जाने की योजना है।
इसके साथ ही राशन कार्ड को भी पूरी तरह डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की तैयारी है। “मेरा राशन 2.0” जैसे मोबाइल एप के माध्यम से लाभार्थी अपने राशन कार्ड को मोबाइल पर देख, डाउनलोड और उपयोग कर सकेंगे। हालांकि, सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में राशन योजनाओं का लाभ लेने के लिए e-KYC अनिवार्य हो सकती है, और बिना ऑनलाइन केवाईसी के लाभ मिलना कठिन हो सकता है।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल पहल से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचेगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली पहले से अधिक कुशल और भरोसेमंद बनेगी।