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पैरानॉर्मल एक्टिविटी: विज्ञान से परे एक रहस्यमयी दुनिया

​क्या आपने कभी किसी खाली कमरे में किसी के होने का एहसास किया है? या अचानक तापमान में गिरावट महसूस की है? इसे ही अक्सर हम 'पैरानॉर्मल एक्टिविटी' या 'अलौकिक गतिविधि' कहते हैं। यह एक ऐसा विषय है जो सदियों से जिज्ञासा और डर का कारण बना हुआ है।
​पैरानॉर्मल एक्टिविटी क्या है?
​'पैरानॉर्मल' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: 'पैरा' (Para) यानी 'परे' और 'नॉर्मल' (Normal) यानी 'सामान्य'। इसका अर्थ है ऐसी घटनाएं जो वैज्ञानिक नियमों और सामान्य मानवीय समझ से परे हैं। इसमें केवल भूत-प्रेत ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित चीजें भी शामिल हैं:
​प्रेतवाधित घटनाएं (Hauntings): किसी जगह पर आत्माओं का वास होना।
​पोल्टरगाइस्ट (Poltergeist): चीजों का अपने आप हिलना, आवाज़ें आना या भौतिक गड़बड़ी।
​टेलीपैथी (Telepathy): बिना बोले विचारों का आदान-प्रदान।
​ईवीपी (Electronic Voice Phenomena): रिकॉर्डिंग डिवाइस पर ऐसी आवाज़ें सुनाई देना जो रिकॉर्ड करते समय वहां नहीं थीं।
​पैरानॉर्मल एक्टिविटी के संकेत (Signs)
​पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स (जांचकर्ता) के अनुसार, कुछ खास संकेत अलौकिक उपस्थिति को दर्शाते हैं:
​तापमान में अचानक गिरावट: जिसे 'कोल्ड स्पॉट्स' (Cold Spots) कहा जाता है।
​अजीब गंध: बिना किसी स्रोत के फूलों, सल्फर या सड़ने की गंध आना।
​इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी: लाइट का अपने आप जलना-बुझना या बैटरियों का अचानक खत्म हो जाना।
​छाया दिखाई देना: आँखों के कोने से काली परछाईं (Shadow People) का दिखना।
​सच्ची घटनाओं पर आधारित उदाहरण (True Case Studies)
​दुनिया भर में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिनका जवाब विज्ञान आज तक पूरी तरह नहीं दे पाया है। यहाँ दो सबसे प्रसिद्ध मामले दिए गए हैं:
​1. द एनफील्ड पॉल्टरगाइस्ट (The Enfield Poltergeist) - लंदन, 1977
​यह इतिहास की सबसे अच्छी तरह से डॉक्यूमेंट की गई घटनाओं में से एक है। यह घटना उत्तरी लंदन के एनफील्ड में रहने वाले हॉजसन परिवार (Hodgson Family) के साथ घटी।
​घटना: घर की 11 साल की बेटी, जैनेट, के साथ अजीब घटनाएं होने लगीं। फर्नीचर अपने आप हवा में उड़ने लगा, दीवारों से खटखटाने की आवाज़ें आने लगीं और जैनेट अक्सर हवा में तैरती (Levitate) हुई पाई गई।
​सबूत: पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों ने अपनी आँखों से कुर्सियों को हिलते हुए देखा। बीबीसी (BBC) के रिपोर्टर्स ने भी अजीब आवाज़ें रिकॉर्ड कीं। जैनेट की आवाज़ बदलकर एक बूढ़े आदमी जैसी हो जाती थी, जो दावा करता था कि वह उस घर का पुराना मालिक 'बिल' है।
​निष्कर्ष: यह मामला इतना डरावना था कि इस पर प्रसिद्ध हॉलीवुड फिल्म 'The Conjuring 2' बनाई गई।
​2. भानगढ़ का किला (Bhangarh Fort) - राजस्थान, भारत
​भारत का यह किला पूरी दुनिया में 'Most Haunted Places' में गिना जाता है।
​कहानी: कहा जाता है कि एक तांत्रिक ने राजकुमारी रत्नावती को पाने के लिए काले जादू का इस्तेमाल किया था, लेकिन उसकी चाल उल्टी पड़ गई और मरते समय उसने पूरे किले को श्राप दे दिया। तब से यह माना जाता है कि यहाँ रात में जाने वाला कोई भी व्यक्ति वापस नहीं लौटता।
​वास्तविकता: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने आधिकारिक तौर पर एक बोर्ड लगा रखा है जिस पर लिखा है: "सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किले में प्रवेश वर्जित है।" स्थानीय लोग और कई पर्यटक दावा करते हैं कि रात में यहाँ से औरतों के रोने और चूड़ियों के खनकने की आवाज़ें आती हैं।
​क्या कहता है विज्ञान? (Scientific Perspective)
​जहाँ बहुत से लोग इन बातों पर विश्वास करते हैं, वहीं विज्ञान इसके लिए तार्किक व्याख्याएं देता है:
​इन्फ्रासाउंड (Infrasound): ऐसी ध्वनि तरंगें जो हम सुन नहीं सकते लेकिन महसूस कर सकते हैं। इनसे घबराहट और 'किसी के होने' का भ्रम हो सकता है।
​कार्बन मोनोऑक्साइड: पुराने घरों में गैस लीक होने से मतिभ्रम (Hallucinations) हो सकता है, जिससे लोग 'भूत' देखने लगते हैं।
​पैरिडोलिया (Pareidolia): यह दिमाग की एक फितरत है जिसमें हम बेजान चीजों में इंसानी चेहरे या आकृतियां देखने लगते हैं (जैसे अंधेरे में लटके कपड़ों को भूत समझना)।
परिणाम -:
पैरानॉर्मल एक्टिविटी आज भी एक रहस्य है। कुछ के लिए यह अंधविश्वास है, तो कुछ के लिए एक डरावनी हकीकत। चाहे आप विज्ञान पर भरोसा करें या अलौकिक शक्तियों पर, यह विषय हमें यह सोचने पर मजबूर जरूर करता है कि "क्या हम इस ब्रह्मांड में अकेले हैं?"

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