
FMGE परीक्षा में सफलता: डॉक्टर सिमरन चौहान ने बढ़ाया परिवार व समाज का मान।
सीकर- यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि डॉक्टर सिमरन चौहान, पुत्री मोहम्मद शकील चौहान (बोलका) ने आप सभी की दुआओं और रब्बुल आलमीन के करम से FMGE परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता के साथ उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि कौम-ए-कुरैश और समस्त समाज का नाम रोशन किया है।
डॉक्टर सिमरन चौहान की यह कामयाबी उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन, लगन और मजबूत आत्मविश्वास का परिणाम है। FMGE जैसी कठिन परीक्षा को पास करना यह सिद्ध करता है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और ईमानदार प्रयास से किसी भी ऊँचाई को हासिल किया जा सकता है।
गौरतलब है कि डॉक्टर सिमरन मरहूम यूसुफ चौहान (बोलका) की पोती एवं मोहम्मद अकरम खत्री (पार्षद) के मामा जी की दुख्तर हैं। ननिहाल पक्ष की ओर से उनके नाना—लियाकत अली, पुत्र गन्नी हाजी इंदु बड़गुजर निवासी बैर की ढाणी (गणेशपुरा, डीडवाना-कुचामन) ने अपनी प्यारी नातिन की इस शानदार सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ एवं दुआएँ दी हैं।
परिजनों एवं समाजजनों ने बताया कि डॉक्टर बनकर सिमरन चौहान ने सेवा और मानवता के पवित्र मार्ग को चुना है। उनसे यह अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और संवेदनशीलता से वतन व कौम की सेवा करेंगी और समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए आशा की किरण बनेंगी।
यह सफलता समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है। शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब बेटियाँ शिक्षित होकर आगे बढ़ती हैं, तो पूरा समाज प्रगति करता है। डॉक्टर सिमरन चौहान की उपलब्धि इस बात का सशक्त उदाहरण है कि शिक्षा ही सशक्त, आत्मनिर्भर और उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
क्षेत्रवासियों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने डॉक्टर सिमरन चौहान को लाखों मुबारकबाद देते हुए उनके स्वस्थ, सफल और सेवा-प्रधान भविष्य की कामना की है।