
यूजीसी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के स्टे का स्वागत, लोनी में ब्राह्मण समाज ने एकजुट होकर आंदोलन की मुहिम छेड़ी
लोनी: यूजीसी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे लगाए जाने के बाद ब्राह्मण समाज ने लोनी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में ब्राह्मण सभा के नेताओं ने एकजुट होकर इस लड़ाई को टीमवर्क की तरह लड़ने का संकल्प लिया।सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन जताते हुए ब्राह्मण नेताओं ने कहा कि हम इसे एक टीम की तरह देख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई गलत निर्णय लिया गया तो आंदोलन जारी रखा जाएगा। ब्राह्मण सभा के उपाध्यक्ष अंकुर जी ने कहा, "हम पर देश के प्रधानमंत्री मोदी जी का बहुत बड़ा एहसान है। उन्होंने सवर्ण वर्ण समाज को पहचान दी।"अंकुर जी ने आगे बताया, "19 मार्च तक इस पर रोक लगी है। अगर यह काला कानून वापस नहीं लिया गया तो ब्राह्मण पूरी ताकत से आंदोलन करेगा। हम जातियों में बंटे नहीं हैं—यहां ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया, त्यागी सब एक मंच पर हैं। ब्राह्मणों की एक ही आवाज और एक ही ताकत है।"सांस लेते हुए उन्होंने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट के जज का सम्मान करता हूं। ब्राह्मण ने हमेशा समाज में एकता की बात की, लेकिन इस कानून ने हमें ही बांट दिया। हम सरकार को वोट देते थे, लेकिन सरकार ने हमें ही काट दिया।" उन्होंने मांग की कि यूजीसी का कानून लागू नहीं किया जा सकता और सरकार को सही दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।क्या आप इस खबर में कोई अतिरिक्त डिटेल जोड़ना चाहेंगे, जैसे फोटो कैप्शन या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए संक्षिप्त वर्शन?