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आरक्षण पर राकेश टिकैत का बड़ा बयान: “हर वर्ग में गरीब भी है, इसलिए आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए”, लोगों ने लिया सकारात्मक रूप में

नई दिल्ली/लखनऊ। भारतीय किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने संबंधी बयान पर देशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। टिकैत ने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में किसी एक वर्ग को पूरी तरह सक्षम या पूरी तरह पीड़ित नहीं कहा जा सकता। हर समाज में आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी हैं और ऐसे परिवार भी हैं जिन्हें वास्तविक मदद की आवश्यकता है।

राकेश टिकैत ने अपने बयान में साफ कहा कि आरक्षण का उद्देश्य जरूरतमंदों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, न कि समाज को वर्गों में बांटना। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, तो उसे आरक्षण और सरकारी सहायता मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग से संबंधित हो। उनका कहना है कि आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू होने से वास्तविक गरीबों तक लाभ पहुंचेगा।

इस बयान के बाद किसानों, युवाओं, मजदूरों और सामाजिक संगठनों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। लोगों का मानना है कि आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने से समाज में आपसी सद्भाव बढ़ेगा और आरक्षण को लेकर फैल रही गलतफहमियां भी कम होंगी। कई युवाओं ने इसे समान अवसर की दिशा में अहम कदम बताया है।

सामाजिक बुद्धिजीवियों का कहना है कि राकेश टिकैत का यह विचार समावेशी है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात करता है। यह सोच न केवल गरीबों को राहत देने वाली है, बल्कि देश में सामाजिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हो सकती है।

कुल मिलाकर, राकेश टिकैत के आर्थिक आधार पर आरक्षण संबंधी बयान को समाज के हर वर्ग द्वारा सकारात्मक रूप में लिया जा रहा है और इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक सार्थक पहल माना जा रहा है।

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