
जालौन के हीरापुर में नवकुंडीय श्रीराम महायज्ञ का भव्य समापन, सुदामा चरित का हुआ वर्णन
जालौन। क्षेत्रीय ग्राम हीरापुर में सार्वजनिक स्थान पर आयोजित नवकुंडीय श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन हवन-पूजन और पूर्णाहूति के साथ संपन्न हुआ। यज्ञ के अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने आहुति प्रदान की।
महायज्ञ का संचालन रामकुमार दास महाराज के निर्देशन में तथा यज्ञाचार्य विकास शुक्ला महाराज द्वारा विधि-विधानपूर्वक कराया गया। उनके सानिध्य में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास रामश्याम महाराज ने सुदामा चरित का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा के दौरान रामश्याम महाराज ने कहा कि जीवन में मित्रता भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी होनी चाहिए, जो विपत्ति और दुख के समय भी साथ निभाए। उन्होंने कहा कि आज की मित्रता स्वार्थ पर आधारित हो गई है, सुख में साथ देने वाले लोग दुख में साथ छोड़ देते हैं। साथ ही उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ रहे पापाचार, अनाचार, भ्रष्टाचार और दुराचार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब धरती पर पाप बढ़ता है तो प्रभु अवतार लेकर पृथ्वी के भार को उतारते हैं।
इस अवसर पर पारीक्षित राममूर्ति देवी, रिटायर्ड मेजर शिवराम कुशवाहा, पुजारी रामशरण तिवारी, महेंद्र अग्निहोत्री, प्रेमा देवी, जगराम कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रिपोर्ट
राजू पाटकर....