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मल्लांवाला की गलियों में गूंजा 'सोहं' का जयकारा; गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर सजाया विशाल नगर कीर्तन

मल्लांवाला की गलियों में गूंजा 'सोहं' का जयकारा; गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर सजाया विशाल नगर कीर्तन
​सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भरी हाजिरी, शहर में जगह-जगह हुई फूलों की वर्षा और लगे अटूट लंगर
​मल्लांवाला खास (जोगिंदर सिंह खालसा):
मानवता के रहबर और 'बेगमपुरा' का संकल्प देने वाले श्री गुरु रविदास जी के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज मल्लांवाला शहर में रविदास भाईचारे और इलाका निवासियों के सहयोग से एक भव्य नगर कीर्तन सजाया गया। इस अवसर पर पूरा शहर गुरु साहिब की महिमा के रंग में रंगा नजर आया और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा व उत्साह के साथ शिरकत की।
​नगर कीर्तन का पड़ाव
​नगर कीर्तन का शुभारंभ श्री रविदास मंदिर से पूर्ण मर्यादा के साथ हुआ। यह काफिला बस स्टैंड, गुरुद्वारा सिंह सभा और गुरुद्वारा विश्वकर्मा से होता हुआ मेन बाजार के रास्ते कमल वाला चौक पहुंचा। इसके पश्चात जैमलाला चौक से गुजरते हुए यह नगर कीर्तन वापस रविदास मंदिर में जाकर संपन्न हुआ। रास्ते में जगह-जगह शहर वासियों द्वारा फूलों की वर्षा कर नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया गया और विभिन्न स्थानों पर संगत के लिए अनेक प्रकार के लंगर लगाए गए।
​गुरु रविदास जी का जीवन और संदेश
​श्री गुरु रविदास जी ने संसार को "मानस की जात सबै एकै पहिचानबो" और समानता का मार्ग दिखाया। उन्होंने अपनी वाणी के माध्यम से समाज में फैली जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को खत्म कर प्रेम और भक्ति का संदेश दिया। उनके द्वारा दर्शाया गया 'बेगमपुरा' का संकल्प एक ऐसे समाज की कल्पना है जहां कोई दुख, कोई चिंता और कोई भेदभाव न हो। आज के नगर कीर्तन में शामिल संगत ने गुरु साहिब के इसी मानवतावादी संदेश को अपने जीवन में उतारने का प्रण लिया।
​सेवादारों की भूमिका
​इस धार्मिक समागम को सफल बनाने में गुरमुख सिंह गोमी, मुख्तियार सिंह, सुरिंदर कुमार, राहुल, अमित, हैप्पी, गुरप्रीत, राम बिट्टू, हीर, तरसेम, विक्की, सन्नी, हीरा लाल, पूरन चंद, हर्ष और गोरा सहित कई अन्य सेवादारों ने सक्रिय भूमिका निभाई। गौरतलब है कि इन सेवादारों द्वारा पिछले कई दिनों से प्रभात फेरियों के माध्यम से संगत को निहाल किया जा रहा था, जिसका समापन आज इस विशाल नगर कीर्तन के साथ हुआ।

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