कर्नाटक राज्य में ठेकेदारों की क्षमता का आकलन किए बिना ठेके दिए गए: सीएजी
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की येत्तिनाहोले एकीकृत पेयजल परियोजना पर रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 80 प्रतिशत कार्य ठेकेदारों की वित्तीय क्षमता, बोली लगाने की क्षमता या अनुभव का आकलन किए बिना ही आवंटित किए गए थे, जिससे देरी और परियोजना के पूरा न होने का खतरा पैदा हो गया है।
80 प्रतिशत कार्य ठेकेदारों को उनकी वित्तीय क्षमता, बोली लगाने की क्षमता और कार्य अनुभव का मूल्यांकन किए बिना ही आवंटित किए गए थे। इससे कार्य समय पर पूरा न होने का खतरा पैदा हो गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 14,605 करोड़ रुपये के कार्यों में से 67 प्रतिशत कार्य केवल सात ठेकेदारों को आवंटित किए गए थे और एक ठेकेदार को 5216 करोड़ रुपये के 11 ठेके दिए गए थे।