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शाहिद के परिजनों ने दागी सिपाही की विशेष पदोन्नति पर उठाये सवाल, आईजी से शिकायत

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में डोडा-चुरा तस्करों से मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल पवन कुमार जाट के परिजनों ने राजस्थान पुलिस में दी गई एक विशेष पदोन्नति पर गंभीर सवाल खड़े किए है। शाहिद के भाई ने आईजी, अजमेर रेंज को एक लिखित शिकायत सौंपकर हेड कांस्टेबल कालूराम धायल को दी गई (गैलेंट्री) पदोन्नति पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त करने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में बताया की पवन कुमार जाट वर्ष 2011 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे और अप्रेल 2021 में थाना रायला क्षेत्र में डोडा तस्करों से मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इसी घटना में थाना कोटड़ी में पदस्थापित कांस्टेबल ओंकार राईका की भी तस्करों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में जाँच में पाया गया की कुछ पुलिस कर्मियों की भी मिलीभगत पाई गई थी जिन्हें सेवा से बर्खास्त कर जेल भी भेजा गया था।
परिजनों का आरोप है की कालूराम धायल को घटना के बाद निगरानी में भी रखा गया था।
ऐसे में संदिग्ध भूमिका वाले व्यक्ति को विशेष पदोन्नति देना न केवल विभागीय नियमों के खिलाफ है, बल्कि शहीदों के बलिदान का भी घोर अपमान है। शाहिद के भाई की माँग है की पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए, विशेष पदोन्नति को निरस्त किया जाए और शहीदों के परिवारों को न्याय दिलवाया जाए ।

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