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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा- राज्यों को वैक्सीन के ज्यादा दाम क्यों देने पड़ रहे है?

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड मैनेजमेंट से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की। वैक्सीनेशन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की पॉलिसी पर सवाल उठाए। कोर्ट ने केंद्र से कहा कि पूरे देश में वैक्सीन का दाम एक ही होना चाहिए।

केंद्र के तर्क पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस रवींद्र भट की बेंच ने कहा- केंद्र कहता है कि ज्यादा मात्रा में वैक्सीन खरीदने पर उसे काम दाम चुकाने पड़ रहे हैं। अगर आपका यही तर्क है तो राज्यों को वैक्सीन के ज्यादा दाम क्यों देने पड़ रहे हैं? देशभर में वैक्सीन के दाम एक जैसे रखे जाने की जरूरत है। पिछले दो महीने में महामारी बढ़ी है।

ग्रामीण इलाकों में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी पूछी
बेंच ने कोर्ट से यह भी पूछा कि जिन ग्रामीण इलाकों में लोग डिजिटल प्रणाली से वाकिफ नहीं हैं, उनके वैक्सीनेशन के लिए क्या क्या किया जा रहा है? आपने कहा था कि ग्रामीण एनजीओ के जरिए कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। हमारी अदालत के क्लर्क और सचिवों ने कोविन पर रजिस्ट्रेशन की कोशिश की है ताकि यह जान सकें कि ऐप किस तरह से काम करती है।

कोर्ट ने महामारी को लेकर दी हिदायत
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने महामारी के चलते देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। उन्होंने हिदायती लहजे में कहा- हम चाहते हैं कि आप हकीकत से वाकिफ हों कि देश में क्या हो रहा है। आप जरूरी बदलाव करें।
जस्टिस चंद्रचूड़ ने ये टिप्पणी उस वक्त की, जब वो ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन को लेकर आ रही दिक्कतों पर विचार कर रहे थे।

8 मई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने 12 सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स बनाने का आदेश दिया था। अदालत का तर्क था कि इस टास्क फोर्स से मिले इनपुट पॉलिसी मेकर्स को मौजूदा मुश्किलों को सुलझाने में मदद करेंगे।

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