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मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ की कटनी जिला शाखा ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर की प्रेस वार्ता, सरकार को चेतावनी: मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन उग्र हो

मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ की कटनी जिला शाखा ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर की प्रेस वार्ता, सरकार को चेतावनी: मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन उग्र होगा
कटनी, 29 जनवरी 2026 — मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ की जिला शाखा कटनी ने आज सिविल लाइन स्थित रेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके और मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश सरकार के प्रति अपनी लंबित मांगों पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में लगभग 65 हजार से अधिक लघु वेतन कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, जो लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्षरत हैं।
संघ ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सात चरणों की कार्ययोजना बनाई है, जिसमें से अब तक पांच चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। इनमें ज्ञापन सौंपना, सांकेतिक धरना, प्रदर्शन और अन्य कदम शामिल हैं। बावजूद इसके, प्रदेश सरकार द्वारा इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
मुख्य मांगें (15 सूत्रीय मांग पत्र का सार)
संघ ने निम्नलिखित प्रमुख मांगों को दोहराया:
न्यूनतम वेतन की गारंटी और वेतन वृद्धि।
ग्रेड पे 1300 रुपये के स्थान पर 1800 रुपये करना।
दैनिक वेतन भोगी (डेली वेज), स्थाई कर्मी, अंशकालीन और आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण।
पुरानी पेंशन योजना की बहाली।
परिवीक्षा अवधि को पुराने नियमों के अनुसार लागू करना।
कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना का शीघ्र क्रियान्वयन।
कार्यभारित आकस्मिक निधि कर्मचारियों को नियमित स्थापना में शामिल करना।
300 रुपये प्रतिदिन के अर्जित अवकाश का नगदीकरण।
आउटसोर्स प्रथा का गठन/समाप्ति संबंधी नीति।
रसोइया बहनों को 10,000 रुपये मानदेय।
आशा और उषा कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना।
ये मांगें न केवल वेतन और सेवा सुरक्षा से जुड़ी हैं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन और सामाजिक न्याय से भी संबंधित हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि ये कर्मचारी वर्षों से कम वेतन पर कठिन परिश्रम कर रहे हैं, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
आगामी कार्यक्रम और चेतावनी
संघ ने निर्णय लिया है कि 21 फरवरी 2026 को प्रांतीय स्तर पर अंबेडकर मैदान, भोपाल में एक जंगी धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें नई रणनीति लागू की जाएगी। पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो इसके लिए पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश शासन की होगी। आंदोलन को और विस्तार दिया जा सकता है, जिसमें बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और अन्य कदम शामिल हो सकते हैं।
प्रेस वार्ता के अंत में संघ ने शामिल सम्माननीय पत्रकारों का फूल-माला, शाल और स्मृति चिन्ह देकर धन्यवाद और सम्मान किया।
इस अवसर पर संघ के अन्य प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें अजय गौतम, मनोज श्रीवास, अजीमुद्दीन शाह, रामावतार विश्वकर्मा, रत्ना ठाकुर, ललिता, खुशबू, उषा, रीना आदि शामिल थे।
यह प्रेस वार्ता प्रदेश के अन्य जिलों में भी एक साथ आयोजित की गई थी, जो दर्शाता है कि लघु वेतन कर्मचारियों का आंदोलन अब पूरे राज्य स्तर पर संगठित हो चुका है। कर्मचारी संगठन उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाएगी, अन्यथा भोपाल में प्रस्तावित धरना बड़े पैमाने पर होगा।

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