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*कवि संसार साहित्य राष्ट्रीय मंच,उत्तराखंड* काव्य सम्मेलन *देश दुनिया से छाए रहे कविगण* *देशप्रेम की बहती रही निर्मल गंगा

*कवि संसार साहित्य राष्ट्रीय मंच,उत्तराखंड*
*ऑनलाइन काव्य पाठ*
*देश दुनिया से छाए रहे कविगण*
*देशप्रेम की बहती रही निर्मल गंगा*

हल्द्वानी नैनीताल दिनांक 28 जनवरी 2026 कवि संसार साहित्य राष्ट्रीय मंच,उत्तराखंड के तत्वावधान में एक भव्य ऑनलाइन काव्यगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस साहित्यिक आयोजन की अध्यक्षता मंच के संस्थापक बी.नेगी कृष्णा ने की,जबकि कमलेंद्र दाहमा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ धनजीभाई गढ़िया मुरली द्वारा प्रस्तुत सुमधुर सरस्वती वंदना से हुआ, जिसने सम्पूर्ण वातावरण को साहित्यिक गरिमा और आध्यात्मिक भाव से ओत-प्रोत कर दिया।
इसके उपरांत गोष्ठी में सम्मिलित कवि-कवयित्रियों ने देशभक्ति और गणतंत्र की भावना से ओजस्वी रचनाओं का पाठ किया। सर्वप्रथम
सुनीता तिवारी ने “लहू देकर चमन को महकाना है” कविता से श्रोताओं को भावविभोर किया। महेन्द्र सिन्हा ‘जय’ ने “सबसे न्यारा है गणतंत्र हमारा” शीर्षक कविता प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि कमलेंद्र दाहमा ने “विश्व में सबसे प्यारा गणतंत्र देश हमारा” कविता द्वारा राष्ट्रप्रेम को सशक्त स्वर दिया।
कविता साव ने “मैं शहीद की संगिनी” कविता से त्याग और बलिदान की भावनाओं को मार्मिक अभिव्यक्ति दी।
धनजीभाई गढ़िया मुरली ने “दिल में आनंद उल्लास भरकर गणतंत्र दिवस मनाइए” कविता से उत्सवमय वातावरण रचा।
मंजरी श्रीवास्तव ‘लज्जा’ ने “भारत तेरी महिमा का इतिहास सुनाते हैं” कविता का सशक्त पाठ किया।
सुषमा श्रीवास्तव ने “जब संविधान रचा” कविता के माध्यम से संविधान की महत्ता को रेखांकित किया।
अंत में अध्यक्ष बी. नेगी कृष्णा ने “भारत माँ के सच्चे वीर” कविता प्रस्तुत कर गोष्ठी को ओजपूर्ण शिखर प्रदान किया। संचालन वरिष्ठ कवयित्री सुषमा श्रीवास्तव इंडोनेशिया द्वारा मनमोहक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष एवं संस्थापक द्वारा सभी रचनाकारों, श्रोताओं एवं आयोजकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा गोष्ठी के समापन की घोषणा की गई।
यह काव्यगोष्ठी साहित्य, राष्ट्रप्रेम और सौहार्द का एक प्रेरणादायी संगम सिद्ध हुई।

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