
भयानक हादसे का गवाह बना बागड़ा कोट, राष्ट्रीय राजमार्ग 17 पर बाल-बाल बची बड़ी दुर्घटना
दिनांक: 28/01/2026
बागड़ा कोट क्षेत्र में मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग 17 पर एक भयानक सड़क हादसा होते-होते टल गया। इस दुर्घटना ने कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत फैला दी। हालांकि समय रहते हालात संभल जाने से किसी बड़ी जनहानि से बचाव हो सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग साढ़े नौ बजे एक तेज रफ्तार मालवाहक ट्रक अचानक अपना संतुलन खो बैठा और सामने से आ रही एक यात्री वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक सड़क किनारे पलट गया और यात्री वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ देर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
हादसे में यात्री वाहन में सवार कई लोग घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजने की व्यवस्था की। सूचना मिलने पर पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। कुछ लोगों को हाथ-पैर में चोटें आई हैं, जबकि कुछ को शरीर के अन्य हिस्सों में हल्की-फुल्की चोटें लगी हैं। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
दुर्घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 17 के इस हिस्से में काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। बाद में क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बागड़ा कोट क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना आम बात हो गई है। विशेषकर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और नियमित पुलिस निगरानी की व्यवस्था की जाए।
पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को उजागर करती है। प्रशासन के साथ-साथ वाहन चालकों की सतर्कता ही भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोक सकती है।