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संगरूर में मिट्टी में बढ़ती टॉक्सिसिटी को लेकर एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट चिंतित ज़्यादा फर्टिलाइज़र मिट्टी और सेहत के लिए खतरा, चुलर कलां में किसान जागर

संगरूर में मिट्टी में बढ़ती टॉक्सिसिटी को लेकर एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट चिंतित

ज़्यादा फर्टिलाइज़र मिट्टी और सेहत के लिए खतरा, चुलर कलां में किसान जागरूकता कैंप।

लहरागागा, 28 जनवरी (सुरेश जवाहरवाला)

संगरूर ज़िले की मिट्टी में बढ़ती टॉक्सिसिटी को लेकर चिंता के माहौल में, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट किसानों को जागरूक करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। इसी सीरीज़ के तहत आज गांव चुलर कलां में फर्टिलाइज़र के सही इस्तेमाल को लेकर एक खास किसान जागरूकता कैंप लगाया गया।

कैंप के मुख्य मेहमान डॉ. गगनदीप सिंह कांगड़ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि फर्टिलाइज़र के ज़्यादा इस्तेमाल से न सिर्फ़ फ़सलों और मिट्टी को नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण और इंसानी सेहत पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सब्ज़ियों, गेहूं, सरसों जैसी फ़सलों में यूरिया और दूसरी फर्टिलाइज़र का इस्तेमाल एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की तरफ़ से जारी हिदायतों के मुताबिक ही करना चाहिए, क्योंकि ये फ़सलें सीधे खाने के लिए इस्तेमाल होती हैं।

डॉ. गगनदीप सिंह ने कहा कि फर्टिलाइज़र का संतुलित और साइंटिफिक इस्तेमाल मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनाए रखता है, पर्यावरण को सुरक्षित बनाता है और इंसानी सेहत को भी फ़ायदा पहुंचाता है। इस मौके पर उन्होंने फसलों को लगने वाले कीड़ों और बीमारियों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में भी डिटेल में जानकारी दी।

इस मौके पर कोऑपरेटिव सोसाइटी चूलर कलां के सेक्रेटरी और प्रेसिडेंट कोऑपरेटिव एम्प्लॉइज यूनियन सर्कल मूनक के जत्थेदार जगतार सिंह मांगी ने भी किसानों को संबोधित किया और फर्टिलाइजर के बैलेंस्ड इस्तेमाल पर जोर दिया।

कैंप में गुरविंदर सिंह गागा (एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट), जीत सिंह (रिटायर्ड मैनेजर), मिस्टर जगदेव सिंह, जगसीर सिंह, बबला सिंह समेत इलाके के सैकड़ों किसान मौजूद थे।

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