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भैरव कथा में भैरव उत्पत्ति प्रसंग, शिव ने भैरव अवतार लेकर किया अंधकासुर का अंत: वसंत विजयानंद महाराज

भैरव कथा में भैरव उत्पत्ति प्रसंग, शिव ने भैरव अवतार लेकर किया अंधकासुर का अंत : वसंत विजयानंद गिरी


पाली - पाली के अणुव्रत नगर के विशाल प्रांगण में कृष्णगिरी पीठाधीश्वर वसंत विजयानंद गिरी महाराज के सानिध्य में चल रहे 9 दिवसीय भैरव कथा, साधना और महालक्ष्मी यज्ञ में श्रद्धालुओं की भीड़ का रिकॉर्ड कायम हो रहा है।
मंगलवार को कथा का वाचन करते हुए जगद्गुरू देव ने भैरव उत्पत्ति प्रसंग के सम्बन्ध में बताया कि एक समय हिरण्यकश्यप का भाई हिरण्याक्ष उत्पात मचा रहा था। उसके अत्याचार से सब देवी देवता त्राहिमाम कर रहे थें। जब इससे उसे संतुष्टि नहीं हुई तो उसने पृथ्वी को ही समुद्र के रसातल में डूबा दिया। तब प्रभु नारायण ने वराह अवतार लेकर पृथ्वी को समुद्र से बाहर निकाला। यह देख हिरण्याक्ष क्रोधित और आग बबूला होकर प्रभु को ललकारते हुए मारने दोडा। तब नारायण ने वराह अवतार लेकर पृथ्वी को जल से बाहर निकाल कर उस राक्षस का अंत कर दिया। यह सुनकर हिरण्याक्ष के पुत्र अंधकासुर ने प्रभू से बदला लेने की ठानी। अंधकासुर ने नारायण का वध करने के लिए शक्ति प्राप्त करने की कामना से भगवान शिव की कठोर आराधना की। भगवान शिव ने अंधकासुर की तपस्या से प्रसन्न होकर उस राक्षस को त्रैलोक्य विजय का वरदान दिया लेकिन यह भी कहा कि यदि तूने अन्याय और अत्याचार किया तो मैं स्वयं तेरा सर्वनाश करूगा।

अंधकासुर वरदान प्राप्त करने के बाद स्वयं को ईश्वर के समान सर्वशक्तिमान समझकर देवो मनुष्यों गन्धर्वो और सब जीवों पर पापाचार करने लगा। उसने इंद्र सहित देवी देवताओं पर गौर अत्याचार आरम्भ कर दिया सभी देव जन उसके अत्याचार से त्राहिमाम करने लगे और सब शिव की शरण में पहुंचकर अंधकासुर के अत्याचार से मुक्ति की प्रार्थना करने लगे। तब भगवान शिव ने सृष्टि को भय रहित करने के लिए भैरव अवतार लिया। भैरव ने अंधकासूर को ऐसी सजा दी की वह अपने स्थान से हिल भी न सका। अंततः अंधकासुर ने प्रभु के समक्ष अपने कर्मों का पश्चाताप करते हुए क्षमा याचना की।

*जब घरों में आये जल और कुमकुम के छींटे-*
वसंत विजयानंद गिरी महाराज ने पूर्व उद्घोषणा की थी कि कथा में बैठे लोग अपने घरों पर परिजनों को फोन लगाकर सूचित करें कि घर के देवस्थान पर कुमकुम, जल इत्यादि के छींटे आएंगे। जब ऐसा हो तो सूचित करें। पांडाल में बैठे महिला पुरुषों के अचानक फोन दनदना उठे। कई लोगों ने वीडियो कॉल करके तो कई ने फोटो भेजकर बताया कि श्रद्धालुओं के घरों पर कुमकुम, जल, केशर इत्यादि के छींटे आये। तब गुरुदेव ने कहा सभा को सम्बोधित करते हुए कहां की यह उन घरों से नकारात्मकता समाप्त होने के संकेत हैं। किसी के खाली पर्स में सिक्के आये तो किसी को दिव्य सुगंध भी आई।
*गुरुवार को भैरव दर्शन, रविवार को निकलेगी कलश यात्रा*-
गुरुवार को कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को वसंत विजयानंद गिरी महाराज द्वारा अभिष्ट मंत्रोच्चार से भैरव दर्शन कराने का दिव्य और अनूठा प्रयोग कराया जाएगा। रविवार को पाली नगर की सुख समृद्धि के लिए विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी।
रिपोर्ट- घेवरचन्द आर्य पाली

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