
ग्राम पंचायत पिकरीपाली में अवैध शराब को लेकर घमासान, जनप्रतिनिधियों पर आरोप को बताया गया साजिश
पिकरीपाली में अवैध शराब को लेकर बड़ा खुलासा, पुराने दस्तावेजों के बावजूद जनप्रतिनिधियों पर झूठे आरोप लगाने का मामला
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत पिकरीपाली में अवैध शराब बिक्री को लेकर चल रहा विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। जनदर्शन में दीपक नारंग द्वारा दिए गए आवेदन में सरपंच पति श्री हरिश वर्मा एवं सरपंच प्रतिनिधि श्री योगेश्वर वैष्णव पर अवैध शराब बिक्री कराने, अवैध वसूली करने एवं लोगों को झूठे मामलों में फंसाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
लेकिन सामने आए पंचायत कार्यालय के पुराने पत्र, ग्रामीणों के ज्ञापन एवं बैठक कार्यवाही रजिस्टर से स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत स्वयं लंबे समय से गांव में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग करती रही है।
दस्तावेजों के अनुसार—
▪️ ग्राम पंचायत पिकरीपाली द्वारा थाना एवं आबकारी विभाग को कई बार लिखित शिकायत दी गई
▪️ पंचायत बैठक में अवैध शराब बिक्री रोकने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया
▪️ ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया
▪️ अवैध शराब कारोबारी दीपक नारंग पर पूर्व में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई कर जेल भेजा गया
ग्रामीणों का आरोप है कि दीपक नारंग पिछले लगभग 15 वर्षों से गांव में अवैध शराब का कारोबार करता आ रहा है, जिससे गांव में कई सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हुईं, यहां तक कि शराब सेवन से मौतों के मामले भी सामने आए हैं।
अब पंचायत द्वारा अवैध शराब के खिलाफ लगातार आवाज उठाने से नाराज होकर संबंधित व्यक्ति द्वारा जनप्रतिनिधियों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है, ताकि उनकी सामाजिक छवि धूमिल की जा सके।
सरपंच पक्ष का कहना है कि उनके पास सभी सरकारी पत्राचार, बैठक प्रस्ताव एवं ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि वे हमेशा अवैध शराब के विरुद्ध खड़े रहे हैं।
मामले को लेकर जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आने के बाद झूठे आरोप लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।