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Corruption report

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री महोदय
मध्यप्रदेश शासन
भोपाल
प्रतिलिपि :
फूड सेफ्टी कमिश्नर, मध्यप्रदेश, भोपाल
संभागीय आयुक्त, जबलपुर संभाग
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), जबलपुर
लोकायुक्त संगठन, जबलपुर
कलेक्टर, जबलपुर
विषय : जबलपुर जिले में पदस्थ दो फूड सेफ्टी अधिकारियों द्वारा अवैध वसूली, व्यापारियों को प्रताड़ित करने एवं लाइसेंस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायत।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि जबलपुर जिले में पदस्थ दो फूड सेफ्टी अधिकारी
श्री संजय कुमार गुप्ता – फूड सेफ्टी ऑफिसर
श्री देवेंद्र कुमार दुबे – फूड सेफ्टी ऑफिसर एवं लाइसेंसिंग अथॉरिटी
के विरुद्ध यह शिकायत अत्यंत विवशता एवं भय के वातावरण में प्रस्तुत की जा रही है।
निवेदन है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाए, क्योंकि संबंधित अधिकारी प्रभावशाली हैं एवं प्रताड़ना की पूर्ण आशंका है।
जिले के अधिकांश खाद्य व्यवसायी इन दोनों अधिकारियों की कार्यप्रणाली से अत्यधिक परेशान हैं। इनके द्वारा निरंतर अवैध वसूली की जा रही है, जिसका स्वरूप निम्न प्रकार से सामने आया है—
छोटी मिठाई दुकान, किराना, ढाबा या रेस्टोरेंट से ₹5,000 से ₹10,000 प्रतिवर्ष
मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान या होटल से ₹30,000 से ₹50,000 प्रतिवर्ष
बड़े होटल, रेस्टोरेंट, होलसेलर अथवा मैन्युफैक्चरर से ₹1,00,000 से ₹3,00,000 अथवा उससे अधिक
जो व्यवसायी यह राशि देने में असमर्थ होते हैं, उनके विरुद्ध जानबूझकर झूठे एवं मनगढ़ंत प्रकरण बनाए जाते हैं, जैसे— सफाई में कमी, नियम उल्लंघन आदि, जबकि वास्तविकता में ऐसी कोई गंभीर कमी नहीं होती।
विशेष रूप से श्री देवेंद्र कुमार दुबे, जो फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ-साथ लाइसेंसिंग अथॉरिटी भी हैं, अपने पद का खुला दुरुपयोग कर रहे हैं।
जहाँ पूर्व में फूड लाइसेंस 2 से 3 दिनों में स्वीकृत हो जाता था, वहीं अब—
सामान्य लाइसेंस को जानबूझकर 1 माह तक
मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित लाइसेंस को 3 से 4 माह तक
लंबित रखा जाता है, ताकि आवेदक से अवैध राशि की मांग की जा सके।
प्राप्त जानकारी अनुसार—
छोटी दुकान के लाइसेंस हेतु ₹5,000
बड़े प्रतिष्ठान के लिए ₹30,000 से ₹50,000
की मांग की जाती है। राशि देने वालों का लाइसेंस 1–2 दिनों में अथवा उसी दिन स्वीकृत कर दिया जाता है, जबकि राशि न देने वाले महीनों तक भटकते रहते हैं।
महोदय, इस प्रकार की भ्रष्ट एवं तानाशाही कार्यप्रणाली से ईमानदार व्यापारी मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से परेशान हैं तथा शासन की छवि को भी गंभीर क्षति पहुँच रही है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि—
उपरोक्त दोनों अधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
जांच अवधि में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
फूड लाइसेंस एवं निरीक्षण प्रक्रिया की स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित की जाए।
दोष सिद्ध होने पर इनके विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह शिकायत पूर्णतः जनहित में की जा रही है। पुनः निवेदन है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाए।
भवदीय,
एक पीड़ित नागरिक / खाद्य व्यवसायी
(नाम गोपनीय अनुरोधानुसार)
जबलपुर

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