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अजीत दादा को भावभीनी श्रद्धांजलि

मौत ज़िंदगी का आखिरी और कभी न बदलने वाला सच है। यह कब, कहाँ और कैसे किसी से मिल जाए, इसका कोई पक्का नहीं है। जो इंसान सुबह मुस्कुराते हुए घर से निकलता है, उसे पक्का नहीं होता कि वह शाम को वापस आएगा भी या नहीं। फिर भी हम इस सच को भूल जाते हैं और रोज़ की भागदौड़, स्ट्रेस और उम्मीदों के बोझ में जीते रहते हैं। आज का पल कल की चिंताओं, भविष्य के डर और "अभी भी पाना है" की सोच के साथ निकल जाता है।

हमारे आस-पास हो रही दुखद घटनाएँ हमें एक पल के लिए रोक देती हैं। दिमाग सुन्न हो जाता है, आँखों में आँसू आ जाते हैं और हमें एहसास होता है कि ज़िंदगी कितनी नाजुक है। उस समय हमें एहसास होता है कि पैसा, पद, इज़्ज़त, पावर, ये सब चीज़ें वहीं रुक जाती हैं। इंसान के साथ सिर्फ़ वही चीज़ जाती है जो उसने कमाया है, जो इंसानियत उसने की है और लोगों के दिलों में छोड़ी गई यादें। हमें नहीं पता कि कल क्या होगा, लेकिन आज हमारे हाथ में है। इसलिए आज जियो, दिल से जियो, ईमानदारी से जियो।

आज अजीत दादा पवार का असमय निधन हो गया, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और जो लोग आज आपके साथ हैं, उन्हें अपना प्यार दें।

अजीत दादा को भावभीनी श्रद्धांजलि💐😔

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